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Dussehra: श्री वृद्धि मंत्र के प्रयोग से बढ़ता है आपका धन, जानें मंत्र और साधना विधि

Dussehra 2020: दशहरा के दिन अगर आप श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग करें तो आपके धन में अचानक से वृद्धि हो सकती है।

Dussehra: श्री वृद्धि मंत्र के प्रयोग से बढ़ता है आपका धन,  जानें मंत्र और साधना विधि
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प्रतीकात्मक

Dussehra 2020: दशहरा के दिन अगर आप श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग करें तो आपके धन में अचानक से वृद्धि हो सकती है। श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग आप अपने घर में आराम से कर सकते हैं। इस श्री वृद्धि मंत्र के प्रयोग में आपको सिर्फ कुछ ही चीजों की आवश्कता पड़ती है। और आपको श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग करने के बाद अपने धन में अचूक वृद्धि देखने को मिलेगी। और आपने अपने धन में ऐसी वृद्धि इस प्रयोग को करने से पूर्व कभी नहीं देखी होगी। परन्तु ये प्रयोग आपको बिलकुल गुप्त रखना है। और किसी विद्वान, योग्य आचार्य अथवा गुरू से दीक्षा लेकर ही करना चाहिए। आप जहां भी व्यापार करते हैं अथवा आपके घर का जहां धन रखा जाता है, जैसे कोई कमरा, तिजोरी, लॉकर आदि उसी के पास आपको यह प्रयोग करना है।

श्री वृद्धि मंत्र पार्श्वनाथ भगवान शिव का मंत्र है। इस मंत्र के प्रयोग से आपकी आय के साधनों के रास्ते खुलने लगते हैं और आपके धन में बहुत तीव्र गति से वृद्धि होती है। श्री वृद्धि मंत्र का जाप आप दशहरा से प्रारंभ करके लगातार तीन दिनों तक करेंगे तो आपको शीघ्र लाभ मिलने लगेगा। श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग करते समय आपके आप प्रतिदिन 108 पुष्प होने चाहिए। आप उन पुष्पों की आहुति भगवान के समक्ष हवन के दौरान दे सकते हैं।

अगर आपके पास पुष्प उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तो आप 108 गुलाब की पंखुड़ियां भी घी में डूबोकर भी अपना हवन संपन्न कर सकते हैं।

श्री वृद्धि मंत्र

ऊँ ह्रीं श्रीं हर हर स्वाहा।

श्री वृद्धि मंत्र प्रयोग की विधि

1. आप दशहरा के दिन रात्रि के दौरान रावण दहन के बाद आप स्वच्छ होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करके उस स्थान पर आसन बिछाएं जहां आपके धन संबंधी कार्य होते हों।

2. श्री वृद्धि मंत्र का प्रयोग शुरू करने से पहले किसी पंडित अथवा आचार्य से परामर्श अवश्य करें।

3. श्री वृद्धि मंत्र के प्रयोग से पहले धूप-दीप और हवन की सभी सामग्री, घी, पुष्प आदि अपने पास रख लें।

4. श्री वृद्धि मंत्र का 99 माला जाप करने के बाद आप हवन कुंड में कपूर आदि की सहायता से अग्नि प्रज्वलित करें।

5. अंतिम माला के जाप के साथ-साथ आप आहूति और हवन प्रारंभ करें।

6. श्री वृद्धि मंत्र का जाप करते समय आपको भगवान भोलेनाथ का ध्यान करना है।

7. श्री वृद्धि मंत्र का आपको दशहरा के दिन से शुरू करके तीन रात्रि में 100 माला जाप करना है। तीन दिनों तक आपको लगातार श्री वृद्धि मंत्र का जाप करना है।

8. मंत्र जाप के दौरान आपको 108-108 आहूति तीनों दिन हवन के दौरान गुलाब के पुष्प के साथ देनी हैं। पुष्प कम अथवा उपलब्ध नहीं होने के स्थिति में आप गुलाब के पुष्पों की पंखुड़ियों को अलग-अलग करके घी में डूबोकर भी आहूति देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

9. आप इस मंत्र की दीक्षा किसी योग्य गुरु, आचार्य अथवा पंडित से ही लें।

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