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UP Assembly Election 2022: योगी दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री या करेंगे हार का सामना, जन्मकुण्डली से जानें क्या कहते हैं उनके सितारे

  • जानें, साल 2022 के चुनाव को लेकर क्या कहती है सूबे के मुखिया योगी की जन्मकुण्डली
  • जानें, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कितनी सीटें जीत सकती है भाजपा
  • जानें, क्या योगी को सीएम का चेहरा बनाकर जीत की हैट्रिक लगा सकती है भारतीय जनता पार्टी

UP Assembly Election 2022: योगी दूसरी बार बनेंगे दूसरी बार मुख्यमंत्री या करेंगे हार का सामना, जानें क्या कहते हैं उनके सितारे
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UP Assembly Election 2022: देश की सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है और सभी पार्टी चुनाव जीतने और अपनी सरकार बनाने की जुगत में लग गई हैं। तथा चुनावी वायदों से लेकर अनेक प्रकार की तिकड़म लगाकर जनता को अपने पाले में करने का प्रयास कर रहीं हैं। वहीं ज्योतिष की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ की जन्मकुण्डली पर साल 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर नजर डालें तो आचार्य अभिनव दुबे के अनुसार क्या कहते हैं उनके सितारे। योगी आदित्यनाथ एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं। क्या योगी भाजपा को 300 सीटे जिता पाएंगे अथवा नहीं।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 05 जून 1972 सुबह को 10 बजकर 55 मिनट पौड़ी उत्तराखंड में हुआ था। योगी जी की जन्मकुंडली सिंह लग्न की है गुरु के लग्न कुंडली और नवांश दोनों में बलवान होने से आने वाले विधानसभा चुनावों में एक रोचक मुकाबले का योग बन रहा है। वर्ष 2017 में हुए एकतरफा चुनाव के उलट अब साल 2022 उत्तर-प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्षी दलों के बीच एक कांटे की टक्कर होने वाली है। तब तक 'साढ़ेसाती' और केतु की कठिन दशा में चल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पार्टी के भीतर और बाहर दोनों तरफ से विरोधियों से जूझना पड़ सकता है।

योगी आदित्यनाथ की कुंडली में चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित है। यह विवाह स्थान यानी सप्तम भाव में केमद्रुम योग में भी फंसे हैं। जिस पर शनि की दृष्टि उनके अविवाहित और विरक्त रहने के योग को दर्शा रही है। भोग स्थान यानी बारहवें घर में बैठे केतु पर शनि की दृष्टि तथा सप्तमेश शनि का सूर्य से अस्त होना भी विवाह नहीं होने का योग बना रहा है। पंचम में वक्री गुरु पर वक्री शुक्र और मंगल की दृष्टि ने उनको साधना के मार्ग पर युवा अवस्था में ही लगा दिया। दशम में बैठे शनि की दशा में 21 वर्ष की आयु में वह संन्यास लेकर गोरखनाथ मठ में सेवा में अनुरक्त हुए।

26 वर्ष की आयु में पहली बार वह शनि में गुरु की शुभ दशा में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीते। तब से उनका राजनीतिक करियर उन्नति की ओर अग्रसर रहा है। वर्ष 2014 में बुध में गुरु की विंशोत्तरी दशा में इनके गुरु के स्वर्गवास के बाद इन्हें गोरखनाथ मठ के 'पीठाधीश्वर' के पद की जीम्मेदारी दी गयी। बाद में बुध-शनि की विंशोत्तरी दशा में मई 2017 में योगी आदित्यनाथ को भाजपा ने उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत के बाद मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त किया।

वर्तमान समय में गुरु का सप्तम स्थान का गोचर इनको बहुत मजबूत और देश में में मजबूत छवि पेश कर रहा है चुनाव परिणाम के समय सूर्य का चंद्र पर गोचर योगी को पुनः मुख्यमंत्री के पद पर आसीत करवा रहा है। इस बार भाजपा 250 से 300 सीटें जीतने पर कामयाब होगी।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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