Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Sunday Special : भगवान लक्ष्मण के बिना उनकी पत्नी उर्मिला ने ऐसे गुजारे थे 14 साल, जानें...

  • रामायण की कथा (story of Ramayana) में भगवान राम (Lord Ram), देवी सीता (Goddess Sita), हनुमान जी (Hanuman Ji), भरत (Bharata), लक्ष्मण और सुग्रीव ( Lakshmana and Sugriva) जैसे कई महान लोगों के नाम सामने आते हैं।
  • लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला (Urmila) के महान त्याग के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।

Sunday Special : लक्ष्मण के बिना उर्मिला ने ऐसे गुजारे थे 14 साल, जानें...
X

Sunday Special :रामायण की कथा (story of Ramayana) में भगवान राम (Lord Ram), देवी सीता (Goddess Sita), हनुमान जी (Hanuman Ji), भरत (Bharata), लक्ष्मण और सुग्रीव ( Lakshmana and Sugriva) जैसे कई महान लोगों के नाम सामने आते हैं, लेकिन लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला (Urmila) के महान त्याग के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। तो आइए जानते हैं उर्मिला के त्याग और संघर्ष की कहानी के बारे में।

ये भी पढ़ें : Sunday Special : एक ऋषि के लिए वैश्या बनी महान राजा की बेटी


सीता जी की छोटी बहन उर्मिला का जन्म मिथिला के राजा जनक की पत्नी सुनयना के गर्भ से हुआ था। जबकि लोक कथाओं के अनुसार, देवी सीता धरती से प्रकट हुईं थीं। सीता स्वयंवर के दौरान भगवान श्रीराम के साथ विवाह तय होने के बाद लक्ष्मण का विवाह उर्मिला से, शत्रुघ्न का विवाह सुतकीर्ति से और भरत का विवाह मांडवी के साथ करने का निश्चय किया गया था। इस प्रकार अयोध्या नरेश दशरथ, राजा जनक, महर्षि विश्वामित्र आदि की उपस्थिति में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह संपन्न हुआ।

ये भी पढ़ें : Jyotish Shastra : अगर आपका भी होता रहता है अपमान तो रविवार के दिन करें ये अचूक उपाय


रामायण कथा के मुताबिक, जब राम के साथ लक्ष्मण और सीता 14 वर्ष के लिए वनवास जाने लगे। तब लक्ष्मण को इस बात का डर था कि कहीं उर्मिला भी माता सीता की तरह साथ में वन चलने का निश्चय ना कर ले।


इसलिए वन जाते समय लक्ष्मण जी ने अपनी पत्नी उर्मिला से कहा कि, इस कठिन समय में तुम्हें पूरे परिवार समेत अयोध्या नगरी का ध्यान रखना होगा, क्योंकि उर्मिला नहीं चाहती थीं कि वे अपने पति के कर्तव्य पालन में बाधा बनें। इसलिए उर्मिला लक्ष्मण जी से यह वचन लेती हैं कि वनवास के 14 सालों के दौरान वो अपनी पत्नी की चिंता नहीं करेंगे।


इस वचन के पीछे उर्मिला का तर्क था कि इस तरह उनके पति लक्ष्मण पूरे समर्पण भाव के साथ श्रीराम-सीता की सेवा कर सकेंगे और वनवास के दौरान श्रीराम और देवी सीता को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Next Story