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shardiya navratri 2020 : मां शैलपुत्री का ऐसे करें पूजन, मिलेगा आरोग्य का वरदान

shardiya navratri 2020: शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है। ऐसे में सभी भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना में रहेंगे। नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री रुप को समर्पित है।

shardiya navratri 2020 : मां शैलपुत्री का ऐसे करें पूजन, मिलेगा आरोग्य का वरदान
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shardiya navratri 2020: शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है। ऐसे में सभी भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना में रहेंगे। नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री रुप को समर्पित है। तो आइए आप भी जानें कि मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की अराधना हम कैसे करें। और मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने का उपाय कौनसा है। जोकि हमें जरुर करना चाहिए।

पर्वतराज हिमालय के घर मांता पुत्री के रूप में उत्पन्न हुई थी। इसी वजह से इनका नाम शैलपुत्री पड़ा था। नवरात्रि पुजन के पहले दिन माता शैलपुत्री की विशेष उपासना का विधान है। आज प्रथम नवरात्रि है और आप मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की अराधना का दिन है। माता शैलपुत्री की विशेष कर सभी भक्तों को करनी चाहिए।

माता शैलीपुत्री की पूजा विधि

मां दुर्गा का शैलपुत्री स्वरूप बेहद ही शुभ माना गया है। खासतौर पर महिलाओं को माता शैलपुत्री की अराधना जरुर करनी चाहिए। इससे महिलाओं के जीवन में स्थिरता आती है। सुख, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। माता के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है। माता वृषभ पर विराजमान हैं। जो सम्पूर्ण हिमालय पर राज करती हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा करने के लिए उनकी तस्वीर हमें पूजास्थल पर अवश्य रखनी चाहिए। मां शैलपुत्री की तस्वीर उपलब्ध ना हो तो मां नवदुर्गा जिसमें मां दुर्गा के साथ-साथ उनके सभी नौ स्वरूप हो ऐसी तस्वीर पूजा में जरुर स्थापित करनी चाहिए। और आप ऐसी तस्वीर के सामने भी पूजा-अर्चना कर सकते हैं। माता की तस्वीर को किसी लकड़ी के पाटे अथवा चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित कर लेना चाहिए। इसके बाद आपकी जो भी मनोकामना है आप माता के सामने उस मनोकामना को माता से कहें, और माता के सामने ही संकल्प लें।

माता शैलपुत्री खासतौर पर महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान देती हैं। माता को लाल पुष्प बेहद पसंद हैं। इसलिए माता को लाल पुष्प अर्पित करें। और धूप-दीप, नेवैध्य से माता का पंचोपचार, दशोपचार आप जिस भी विधि से आप पूजन करना चाहते हैं, उस विधि से माता का पूजन जरुर करें।

माता के ध्यान का मंत्र

ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ऊँ शैलपुत्री देव्यै नम:।

नवरात्रि के प्रथम दिन आपको पूजन के दौरान मां के इस बीज मंत्र के साथ माता का आह्वान करना चाहिए। और जो भी आपकी मनोकामना हो उसे माता के सामने जरुर बोलें।

माता को आप सफेद वस्तुओं का भोग लगाएं। माता को सफेद भोग बहुत प्रिय हैं। और इसके बाद माता के मंत्रों का जप जरुर करें। माता के बीजमंत्र का जप एक माला आपको जरुर करना चाहिए।

माता शैलपुत्री का उपाय

मां शैलपुत्री के चरणों में अगर हो सके तो आप गाय का घी अर्पित करें। ऐसा करने से माता आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं। माता अपने भक्तों का मन और शरीर दोनों को ही निरोगी बनाती हैं।

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