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Saubhagya Panchami 2020 : सौभाग्य पंचमी 2020 कब है, सौभाग्य पंचमी की पूजा विधि, व्रत का महत्व, आप भी जानें

Saubhagya Panchami 2020 : सौभाग्य पंचमी का व्रत रखने से मनुष्य के भाग्य में सौभाग्य की वृद्धि होती है। और व्यक्ति के जीवन में आने वाली प्रत्येक मुसीबत से मुक्ति मिलती है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी को सौभाग्य पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष 19 नवंबर 2020, दिन बृहस्पतिवार को सौभाग्य पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।

Saubhagya Panchami 2020 : सौभाग्य पंचमी 2020 कब है, सौभाग्य पंचमी की पूजा विधि, व्रत का महत्व, आप भी जानें
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Saubhagya Panchami 2020 : सौभाग्य पंचमी का व्रत रखने से मनुष्य के भाग्य में सौभाग्य की वृद्धि होती है। और व्यक्ति के जीवन में आने वाली प्रत्येक मुसीबत से मुक्ति मिलती है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी को सौभाग्य पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष 19 नवंबर 2020, दिन बृहस्पतिवार को सौभाग्य पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।

सौभाग्य पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के सभी सांसरिक कामनाओं की पूर्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सभी सुख आते हैं। और इसके साथ ही गणेश पूजन करने से व्यक्ति के जीवन में सभी विघ्नों का विनाश होता है। और कारोबार में वृद्धि होती है। मनुष्य की सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए आने वाला यह पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन सौभाग्य पंचमी और लाभ पंचमी के रुप में मनाया जाता है।

सौभाग्य पंचमी पूजा करने की विधि

सौभाग्य पंचमी पूजन के दिन प्रात:काल स्नान आदि नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर भगवान सूर्य का जलाभिषेक करना चाहिए। तत्पश्चात शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और गणेश जी की प्रतिमाओं को स्थापित करना चाहिए। संभव हो सके तो गणपति जी को सुपारी पर मौली लपेट कर चावल के अष्टदल कमल पर विराजित करना चाहिए। गणपति जी का चंदन, सिंदूर, अक्षत, फूल, दूर्वा से पूजन करना चाहिए। तथा भगवान आशुतोष को भस्म, बिल्वपत्र, धतूरा समेत वस्त्र आदि अर्पित कर उनका पूजन करना चाहिए। गणपति जी को मोदक और भगवान आशुतोष को दूध से निर्मित सफेद पकवानों का भोग भी लगाना चाहिए। इसके बाद भगवान भोलेनाथ और गणपति का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए।

गणेश मंत्र

लंबोदरं महाकाव्य गजावस्त्रं चर्तुभुजं।

आवाह्म देव गणेश सिद्धि कायम् ।।

सौभाग्य पंचमी का महत्व

सौभाग्य पंचमी के अवसर पर विशेष मंत्रों का जाप द्वारा भगवान श्रीगणेश जी का आवाह्न करते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति संभव हो जाती है। कार्यक्षेत्र, नौकरी और कारोबार में समृद्धि की कामना की पूर्ति होती है। इस दिन गणेश के साथ भगवान शिव का स्मरण करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। सुख, सौभाग्य और मंगल कामना को लेकर किया जाने वाला सौभाग्य पंचमी का व्रत सभी की इच्छाओं की पूर्ति करता है। इस दिन भगवान का पूजन, दर्शन कर भगवान की कथा का श्रवण करना चाहिए। सौभाग्य पंचमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन गणेश मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। लाभ पंचमी श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है। इस अवसर पर अधिकतर लोग घरों में भी भगवान गणपति जी का आह्वान करते हैं। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत् पूजा-अर्चना की जाती है। और घर-परिवार में सुख,समृद्धि की मंगलकामना की जाती है। इस अवसर पर भगवान गणेश के मंदिरों में गणपति जी की मनमोहक झांकी भी सजाई जाती है। सौभाग्य पंचमी के दिन रात्रि जागरण-कीर्तन भी किया जाता है।

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