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CoronaVirus: इस्कॉन मंदिर में दो महीने तक विदेशियों के प्रवेश पर लगाई रोक, सर्टिफिकेट दिखाने पर ही होगी एंट्री

इस्कॉन मंदिर (Iskcon Temple) में सबसे ज्यादा विदेशी (Foreigner) भक्त आते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस (CoronaVirus) के डर से उनके अगले दो महीने तक मंदिर में प्रवेश (Entry) पर रोक लगाई गई है। मंदिर की तरफ से यह जानकारी गुरुवार को ट्वीट कर दी गई।

CoronaVirus: इस्कॉन मंदिर में दो महीने तक विदेशियों के प्रवेश पर लगाई रोक, सर्टिफिकेट दिखाने पर ही होगी एंट्री

चीन से निकले कोरोना वायरस ने भारत में भी पैर पसार लिये है। इसको लेकर मचे हडकंप के बीच मथुरा- वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर (Iskcon Temple) में विदेशियों की एंट्री (Foreigners Entry) रोक दी गर्इ है। इसकी जानकारी मंदिर के पीआरओ सौरभ दास द्रवारा ट्वीटर पर दी गई। वही इसकी वजह कोरोना वायरस को फैलने से रोकना है।

अगले दो महीने मंदिर में प्रवेश पर लगाई रोक

दरअसल गुरुवार को वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर के पीआरओ सौरभ दास ने ट्वीट (Tweet) किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कोरोना वायरस के चलते मंदिर में अगले दो महीने तक विदेश से आने वाले भक्तों को एंट्री (Entry) नहीं मिलेगी। हां अगर किसी को एंट्री चाहिए तो उन्हें एक मेडिकल सर्टिफिकेट (Medical Certificate) दिखाना पडेगा। जिसमें साफ तौर पर लिखा हो कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है। मंदिर के इस ट्वीट (Tweet) पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

इस्कॉन टेंपल में अलग अलग देशों से आते हैं भगवान के भक्त

दरअसल भारत में जगह जगह बने इस्कॉन मंदिरों में काफी संख्या में विदेशी भक्त आते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के डर वुदांवन स्थित इस्कॉन मंदिर ने विदेशी भक्तों को मंदिर में प्रवेश देने से साफ मना कर दिया है। इसकी वजह कोरोना वायरस संक्रमित शख्स का दूसरे किसी भी शख्स के संपर्क में आने पर इसका फैलना है। इससे बचने के लिए मंदिर प्रशासन ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। साथ ही विदेशियों को दो महीने तक मंदिर में प्रवेश न देने का ऐलान करने के साथ ही कहा कि जिन लोगों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट होगा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है। यह मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने पर उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया जा सकता है।

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