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Rakshabandhan 2020 : रक्षाबंधन पर 29 साल बनेगा स्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का संयोग

Rakshabandhan 2020 : भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार इस बार सावन माह की समाप्ति पर तीन अगस्त यानि आखिरी सोमवार को होने जा रहा है। बाजार में राखियों से दुकानें सज गई है।

रक्षाबंधन पर 29 साल बनेगा स्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का संयोग
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रक्षाबन्धन (प्रतीकात्मक फोटो)

Rakshabandhan 2020 : भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन का त्यौहार इस बार सावन माह की समाप्ति पर तीन अगस्त यानि आखिरी सोमवार को होने जा रहा है। बाजार में राखियों से दुकानें सज गई है। रक्षा बंधर के इस त्यौहार पर इस बार जहां भगवान शिव शंकर का आर्शीवाद रहेगा तो वहीं 29 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि और दीघार्यु आयुष्मान का शुभ संयोग बनने जा रहा है।

इस संयोग में बहनों द्वारा कलाई पर राखी बांधने के बाद भगवान से जो भाईयों की दीर्घायु की कामना की जाएगी उसे भगवान अवश्य स्वीकार करेंगे। हर बार बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांधती है लेकिन इस बार जो बहनें दूर हैं वो अपने भाईयों को कोरोना संक्रमण से बचाना चाहती है इसलिए स्पीड पोस्ट और कोरियर सेवा का सहारा लिया जा रहा है। बहनों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन पर भाई हमेशा उनके घर पर आकर राखी कलाई पर बंधवाते हैं लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है तथा वो नहीं चाहती कि उनके भाई के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रभाव पड़े। इसलिए जो दूर हैं उनके लिए वो कोरियर व स्पीड पोस्ट के द्वारा राखी भेज देंगी।

चाइना राखी की डिमांड कम लोग मांग रहे हाथ से बनी राखी

चाइना के रूख का असर इस बार बाजार में भी देखने को मिल रहा है। राखी खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रही महिलाएं इस बार चाइना की नहीं अपने हाथों की बनी राखियों की मांग के बीच जो समय निकला है वह शुभ संयोग बना है। रक्षाबंधन का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल सावन के आखिरी सोमवार 3 अगस्त पर रक्षाबंधन का त्योहार पड़ रहा है।

भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षा बंधन इस बार बेहद खास इस करण भी होगा, क्योंकि इस साल रक्षा बंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीघार्यु आयुष्मान का शुभ संयोग बना है। पंडित कृष्ण कुमार बहल वाले ने बताया कि रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। साथ ही इस साल भद्रा और ग्रहण का साया भी रक्षा बंधन पर नहीं पड़ रहा है। रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त-राखी बांधने का मुहूर्त- 09:27:30 से 21:11:21 तक निकला है। इसके साथ साथ रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त- 13:45:16 से 16:23:16 तक निकला है। वहीं रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त- 19:01:15 से 21:11:21 तक का निकला है। इसके साथ साथ मुहूर्त अवधि भी 11 घंटे 43 मिनट की है।

अलग-अलग परंपराएं

राखी की थाली में रेशमी वस्त्र, केसर, सरसों, चावल, चंदन और कलावा रखकर भगवान की पूजा के बाद राखी भगवान शिव की प्रतिमा को अर्पित की जाएगी। अब भगवान शिव को अर्पित किया गया धागा या राखी भाइयों की कलाई में बांधी जाएगी। वहीं कई स्थानों पर विभिन्न परंपराएं है उसी हिसाब से अपने भाइयों को रखी बांधी जाएगी।

इस कारण खास है इस बार का रक्षा बंधन

पंडित ने कहा कि इस साल रक्षा बंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीघार्यु आयुष्मान योग के साथ ही सूर्य शनि के समसप्तक योग, सोमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा श्रवण नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग बन रहा है। इसके पहले यह संयोग साल 1991 में बना था। इस संयोग को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस योग के चलते किसानों के चेहरों पर बनी परेशानी भी समाप्त होगी तथा फसलें जब पक कर तैयार हो जाएगी तो किसानों को मुनाफा देकर जाएगी।

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