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Pradosh Vrat 2022: शनि प्रदोष व्रत पर आज ये शुभ योग कर देंगे जीवन की सभी समस्याओं का अंत, जानें इस संयोग का समय और महत्व

Pradosh Vrat 2022: नए साल 2022 का प्रारंभ हो चुका है और प्रदोष व्रत का प्रारंभ भी सबसे पहले शनि प्रदोष व्रत से हो रहा है। शनि प्रदोष व्रत संतान प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम व्रतों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत रखने और विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति को पुत्र की प्राप्ति होती है।

Pradosh Vrat 2022: शनि प्रदोष व्रत पर आज ये शुभ योग कर देंगे इन समस्याओं का अंत, जानें इस संयोग का समय और महत्व
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Pradosh Vrat 2022: नए साल 2022 का प्रारंभ हो चुका है और प्रदोष व्रत का प्रारंभ भी सबसे पहले शनि प्रदोष व्रत से हो रहा है। शनि प्रदोष व्रत संतान प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम व्रतों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत रखने और विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति को पुत्र की प्राप्ति होती है। जिन लोगों को कोई संतान नहीं होती है, उन्हें शनि प्रदोष व्रत करना चाहिए। वहीं इस प्रदोष व्रत के दिन आज कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस व्रत को करने से उसके पुण्य में कई गुना अधिक वृद्धि कर देंगे। तो आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत पर कौन से शुभ योग बन रहे हैं और इस व्रत का महत्व क्या है।

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उज्जैन स्थित अवंतिका तीर्थ पुरोहित पंडित शिवम जोशी ने बताया कि, पंचांग के अनुसार हर मास की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। पौष मा​ह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी ति​थि का प्रारंभ 14 जनवरी दिन शुक्रवार को रात 10 बजकर 19 मिनट पर हो रहा है। इसका समापन अगले दिन 15 जनवरी को देर रात 12 बजकर 57 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, साल 2022 का पहला प्रदोष व्रत 15 जनवरी दिन शनिवार को रखा जाएगा। यह शुक्ल पक्ष का शनि प्रदोष व्रत है।

जो लोग शनि प्रदोष व्रत रखेंगे, उनको पूजा के लिए 2 घंटे 42 मिनट का समय प्राप्त होगा। 15 जनवरी को शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात 08 बजकर 28 मिनट तक भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम मुहूर्त है। इस मुहूर्त में शनि प्रदोष की पूजा करना अच्छा रहेगा।

ब्रह्म योग में शनि प्रदोष व्रत

साल 2022 का पहला प्रदोष व्रत ब्रह्म योग में है। 15 जनवरी को ब्रह्म योग दोपहर 02 बजकर 34 मिनट तक है, उसके बाद से इंद्र योग शुरू हो जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक है। वहीं रवि योग रात 11 बजकर 21 मिनट से अगले दिन 16 जनवरी को प्रात: 07 बजकर 15 मिनट तक है।

प्रदोष व्रत महत्व

प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि, धन, संपत्ति, संतान, शांति, आरोग्य आदि की प्राप्ति होती है। शनि प्रदोष व्रत करने से पुत्र का प्राप्ति होती है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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