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अनार का पौधा घर में लगाना शुभ है या अशुभ, आप भी जानें

अनार एक स्वादिस्ट और पौष्टिक फल है। यह फल हृदय रोग और खून की कमी और वमन में लाभकारी और बल, वीर्यवर्धक होता है। हिन्दू धर्मशास्त्रों, वेद और आयुर्वेद के अनुसार अनेक रोगों के उपचार के लिए जड़ी-बूटियां, फल-फूल, पत्ते और पेड़ों की छाल आदि का प्रयोग किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाए गए वृक्ष ना सिर्फ घर को आकर्षित बनाते हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। हमारे देश में पेड़-पौधों के पूजन की परंपरा बहुत प्राचीन काल से चली आ रही है।

अनार का पौधा घर में लगाना शुभ है या अशुभ, आप भी जानें
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प्रतीकात्मक तस्वीर

अनार एक स्वादिस्ट और पौष्टिक फल है। यह फल हृदय रोग और खून की कमी और वमन में लाभकारी और बल, वीर्यवर्धक होता है। हिन्दू धर्मशास्त्रों, वेद और आयुर्वेद के अनुसार अनेक रोगों के उपचार के लिए जड़ी-बूटियां, फल-फूल, पत्ते और पेड़ों की छाल आदि का प्रयोग किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाए गए वृक्ष ना सिर्फ घर को आकर्षित बनाते हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। हमारे देश में पेड़-पौधों के पूजन की परंपरा बहुत प्राचीन काल से चली आ रही है। जिसका सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ता है। ध्यान रखें कि जिस घर से पूर्व, पश्चिम, उत्तर अथवा ईशान कोण में बाग या बगीचा होता है। उस घर में धनवान, यशस्वी, दानी, धर्मात्मा, दोभाषी और धार्मिक स्वभाव के लोगों का निवास होता है। लेकिन जो व्यक्ति आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य अथवा वायव्य दिशा में बाटिका बनाता है उसे धन और संतान की हानि तो होती ही है और इसके साथ-साथ ऐसे व्यक्ति अल्पायु और रोगी होते हैं। ऐसा व्यक्ति पाप कर्म में लिप्त होता है। और उस व्यक्ति को इस लोक और परलोक में अपयश का सामना करना पड़ता है। इसलिए घर में बगीचा किस दिशा में हो इसका निश्चय वास्तु शास्त्र के अनुसार होना आवश्यक होता है।

ज्योतिष शास्त्र में वृक्षों को देवताओं का प्रतीक माना जाता है। इन्हें देवताओं और ग्रहों के निमित लगाकर उनसे शुभ लाभ प्राप्त किए जाने का उल्लेख मिलता है। पितृों की संतुष्टि के लिए भी वृक्ष लगाने का विधान शास्त्रों में बताया गया है।

वास्तु नियमों के अनुसार वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हमें अपने घर में अनार का पौधा जरूर लगाना चाहिए। अनार का पौधा घर में लगाने से आपकी किस्मत के दरवाजे देवताओं की कृपा से खुल जाते हैं। अगर अनार का पौधा घर में होता है तो ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। और सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। अनार के पौधे घर के बाहर आग्नेय दिशा में लगाना सुख माना जाता है।

धन, सुख, समृद्धि और घर में वंश वृद्धि की कामना रखने वाले लोगों को घर के आग्नेय कोण यानि पूर्व-दक्षिण दिशा में अनार का पेड़ जरूर लगाना चाहिए। इस दिशा में यह पौधा अति शुभ फल प्रदान करता है।

वैसे अनार का पौधा घर के सामने लगाना सर्वोत्तम माना गया है। घर के बीचों-बीच अनार का पौधा ना लगाएं। यदि अनार के फूल का नित्यप्रति शहद में डुबोकर भगवान शिव को अर्पित किया जाए तो भारी से भारी कष्ट भी दूर हो जाते हैं। और व्यक्ति तमाम समस्याओं से मुक्त हो जाता है।

शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अनार चढ़ाने से देवी-देवता प्रसन्न हो जाते हैं। और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। हिन्दू धर्मशास्त्रों में माना जाता है कि अनार के पौधे में भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। अनार को घर में लगाने से पैसों की तंगी नहीं रहती है। अनार की लकड़ी का प्रयोग यंत्र बनाने में किया जाता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हमें अपने घर में अनार का पौधा जरूर लगाना चाहिए।

अगर अनार का पौधा घर में होता है तो आपके घर से सभी प्रकार के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। और सुख, समृद्धि प्राप्त होती है। इसे घर की आग्नेय दिशा में लगाना शुभ माना गया है। अनार की कलम का तंत्रसार में अत्यधिक महत्व बताया गया है। अनार के पौधे को कभी भी उत्तर-पश्चिम दिशा में नहीं लगाना चाहिए।

अगर आपके काम में बार-बार कोई बाधा आ जाती है तो अनार की लकड़ी का प्रयोग करें। महीने में एक बार राहु के स्वाति नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर घर लाएं। और लकड़ी तोड़ने से पहले पेड़ से मांफी जरूर मांग लें। घर लाकर लकड़ी पर चावल, फल और मिठाई चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर पूजा करें। चांदी के ताबीज में अनार की सिद्ध की हुई लकड़ी डालकर शनिवार के दिन काले धागे में बांधकर गले में धारण करें। ऐसा करने से आपके शत्रु शांत हो जाएंगे।

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