Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

पराई स्त्री से गमन करना सही है अथवा गलत, जानिए इसका परिणाम

आज के समय में सभी लोग पूर्णरुप से स्वतंत्र हैं जिसको जो मन में आता है वो वहीं करने को तैयार हो जाता है। पर क्या आपको पता है कि हमारे द्वारा किए गए सभी कर्मों का फल हमकों भोगना ही पड़ता है। भले ही कोई मनमानी कुछ भी करें। पर उसको उसकी करनी का फल भोगना ही पड़ता है।

पराई स्त्री से गमन करना सही है अथवा गलत,  जानिए इसका परिणाम
X

आज के समय में सभी लोग पूर्णरुप से स्वतंत्र हैं जिसको जो मन में आता है वो वहीं करने को तैयार हो जाता है। पर क्या आपको पता है कि हमारे द्वारा किए गए सभी कर्मों का फल हमकों भोगना ही पड़ता है। भले ही कोई मनमानी कुछ भी करें। पर उसको उसकी करनी का फल भोगना ही पड़ता है।

Also Read: Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति की तिथि, पुण्य काल का मुहूर्त, शुभ संयोग और इस दिन जरुर करें ये काम

आज के समय में देखा जाए तो युवा पीढ़ी 80-90 प्रतिशत या तो नशे का शिकार है या फिर वासना का। अक्सर देखा जाता है कि शादी-विवाह में अधिकतर लोग जाते ही इसलिए हैं कि वहां फुल इन्जॉय करने का शुभ अवसर उन्हें प्राप्त होगा। शराब पीना युवाओं का तो जैसे एक क्रेज ही बन गया है। तो वहीं दूसरी ओर युवक युवतियों पर मोहित और युवतियां युवकों के ऊपर सम्मोहित रहती हैं।

Also Read: Paush Amavasya 2021 : पौष अमावस्या शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन करें ये खास उपाय

वहीं शास्त्रों के अनुसार यदि किसी पर स्त्री से कोई पुरुष गमन कर ले और स्त्री किसी पर पुरुष से गमन कर लें तो बड़ी भयंकर यातनाएं यमलोक में उन्हें भोगनी पड़ती हैं। ये संसार एक वफर सिस्टम की तरह है। जहां किसी को कोई मनाही नहीं होती है। क्यों कितना और क्या-क्या खाएगा। जिसको जो जितना खाना है, जितना देना है भले ही वो बाद में उतना लेने के बाद खा ना पाए और उसे फेंक दे।

इसी प्रकार आजकल स्त्री और पुरुषों को दूसरे लोगों के साथ गमन करने की भी मनाही नहीं है चाहें वो एक-दूसरे के साथ उस भोग को भोग ही ना पाएं अथवा उसके दुष्परिणाम चाहें कुछ भी हो जाए। ठीक इसी प्रकार इस संसार में जिसको जो मन पड़ता है, जैसा करना चाहता है, वह उसका बिना परिणाम जाने ही उसको करने लगता है। परंतु प्रत्येक कर्मों का फल तो मिलना ही है।

शास्त्रों में कहा गया है कि जो किसी पर पुरुष या पर स्त्री से संबंध बनाता है उसे यमलोक में यमराज बड़ी भयंकर पीड़ा पहुंचाते हैं। मरणोपरांत उन्हें तप्तसूरभी नर्क में ले जाया जाता है। फिर वहां यम के दूत उनके पापों की धुलाई करते हैं। अर्थात उन्हें कोड़े आदि से भयंकर तरह से पीटा जाता है। इसके बाद यदि पुरुष है तो उसे तपाये हुई लोहे की स्त्री प्रतिमा से उस पुरुष को गमन कराया जाता है। तथा ठीक उसी तरह स्त्री को भी पुरुष की मूर्ति से जोकि बिलकुल आग में तपी हुई लाल होती है उससे उसको गमन कराया जाता है। और ऐसा एक बार नहीं बल्कि बार-बार किया जाता है।

इस तरह की भयंकर वेदना होने पर जीव उस वेदना को सहन नहीं कर पाता है और जोर-जोर से चिल्लाने लगता है। परंतु उसे कोई बचाने वाला वहां नहीं होता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को सही रास्ते पर चलने का प्रयत्न करना चाहिए। जिससे इस लोक के साथ-साथ आप परलोक में भी सुखी रह सकों।

Next Story