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Padmini Ekadashi 2020 Kab Hai: पद्मिनी एकादशी पर इन कामों को करने से मिलता है भगवान विष्णु का पूर्ण आशीर्वाद, आप भी जानें

Padmini Ekadashi 2020 Kab Hai : पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadashi) अधिक मास में पड़ने वाली एकादशी है। यह एकादशी साल 2020 में अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (Ashwin Shukla Paksha Ekadashi ) के दिन पड़ रही है। इसलिए इस दिन आपको कुछ कार्य अवश्य करने चाहिए। जिससे आपको भगवान विष्णु की पूर्ण कृपा प्राप्त हो सके।

Padmini Ekadashi 2020 Kab Hai: पद्मिनी एकादशी पर इन कामों को करने से मिलता है भगवान विष्णु का पूर्ण आशीर्वाद, आप भी जानें
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Padmini Ekadashi 2020 Kab Hai: पद्मिनी एकादशी पर इन कामों को करने से मिलता है भगवान विष्णु का पूर्ण आशीर्वाद, आप भी जानें

Padmini Ekadashi 2020 Kab Hai : पद्मिनी एकादशी 20 सितंबर 2020 (Padmini Ekadashi 20 September 2020 ) को मनाई जाएगी। इस दिन यदि आप भगवान विष्णु की पूजा (Lord Vishnu Puja) के साथ कुछ अन्य कार्य भी करते हैं तो आपको न केवल अपने जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी बल्कि आपके जीवन में सुखों की वृद्धि भी होगी तो आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी पर क्या करें।

पद्मिनी एकादशी पर क्या करें (Padmini Ekadashi Per Kya Kare)

1. पद्मिनी एकादशी के व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से ही करना चाहिए।

2.इस दिन आपको भगवान विष्णु को तुलसी दल अवश्य अर्पित करना चाहिए। लेकिन आपको तुलसी दल एकादशी से एक दिन पहले ही तोड़ लेना चाहिए।

3.पद्मिनी एकादशी के दिन यदि आप व्रत नहीं रख सकते तो आपको विधिवत भगवान विष्णु की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

4. यह एकादशी अधिक मास में आती है। इसलिए इस दिन किया गया जप और तप कई गुना लाभ देता है।

5.यदि आपने पद्मिनी एकादशी का व्रत किया है तो आपको इस दिन कुछ भी नहीं खाना चाहिए। लेकिन परिस्थिति के अनुसार आप इस दिन फलाहार कर सकते हैं।

6. इस दिन आपको भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें पीले रंग के वस्त्र और पीली मिठाई अवश्य अर्पित करनी चाहिए।

7. पद्मिनी एकादशी के दिन आपको पशु, पक्षी, निर्धन व्यक्ति और ब्राह्मण को भोजन अवश्य कराना चाहिए।

8. इस दिन यदि संभव हो तो किसी निर्धन व्यक्ति और ब्राह्मण को अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा अवश्य दें।

9. पद्मिनी एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है। इसलिए द्वादशी तिथि को ही अपने व्रत का पारण करें।

10. आपको पद्मिनी एकादशी की रात्रि को जागरण अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से आपको आपके व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

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