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Chanakya Niti : मर्द को ये तीन प्रकार के डर दिल से निकाल देने चाहिए, पुरुष बन जाता है औरत का हीरो

Chanakya Niti : अक्सर कुछ लोग ऐसे होते हैं जोकि बिना बात के ही डरने लगते हैं और ऐसे में उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, हमें इन तीन चीजों से कभी नहीं डरना चाहिए। तो आइए जानते हैं उन तीन चीजों के बारे में...

Chanakya Niti : मर्द को ये तीन प्रकार के डर दिल से निकाल देने चाहिए, पुरुष बन जाता है औरत का हीरो
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Chanakya Niti : अक्सर कुछ लोग ऐसे होते हैं जोकि बिना बात के ही डरने लगते हैं और ऐसे में उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, हमें इन तीन चीजों से कभी नहीं डरना चाहिए। तो आइए जानते हैं उन तीन चीजों के बारे में...

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पुरुष का पहला डर

पुरुष को लड़की से प्यार का इजहार करने शर्म नहीं करनी चाहिए। अगर वह आपसे सच्चा प्रेम करती है और आप भी उससे प्रेम करते हैं तो तुरन्त हां कह दीजिए। नहीं तो बहुत देर हो सकती है। आपका यही डर आपके प्यार को जुदा कर सकता है। साथ ही साथ सुहागरात के समय एक मर्द को नहीं शर्माना चाहिए। अगर आप ऐसे समय में शर्माएंगे तो वो आपको फट्टू समझेगी। इसीलिए पत्नी से प्यार मांगने में शर्म नहीं करनी चाहिए। अगर आप प्यार मांगने में या लेने में शर्म करेंगे तो आपके रिश्तों में दरार आ सकती है। इसीलिए सुहागरात पर शर्माना नहीं चाहिए। क्योंकि पत्नी आपको गलत समझ सकती है। ऐसे में आप पत्नी को खुलकर प्यार करें।

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पुरुष का दूसरा डर

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, हमें दुख, गरीबी और किसी कठोर परीक्षा से बिलकुल भी नहीं डरना चाहिए। क्योंकि हम जितना ही इन चीजों से डरेंगे, उतना ही हमारा नुकसान होगा। इसीलिए ऐसी स्थिति में हमें इनका डटकर मुकाबला करना चाहिए और अपनी स्थिति को सुधारने की भरपूर कोशिश करनी चाहिए।

पुरुष का तीसरा डर

भले ही आप अंदर से कमजोर हों, लेकिन आपकी ये बात कोई और नहीं जानने पाएं। ऐसे में एक लड़की मर्द पर पूरा भरोसा रखती है कि, ये मेरी रक्षा जरुर करेगा। अगर आप उसके सामने ही हर छोटी-छोटी बात पर घबराएंगे या डरेंगे तो उसका मनोबल टूट जाएगा और आपको शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। क्योंकि स्त्री के सामने पुरुष एक हीरो के समान होता है और उसका वही हीरो अगर डर के मारे कहीं छिप जाएगा तो वह उसे गीदड़ मानेगी। ऐसे में एक मर्द को स्त्री नामर्द समझती है और जो पुरुष डटकर सामना करते हैं तो स्त्रियां उन्हें अपना हीरो मानती हैं। तथा उन्हें अपना दिल दे बैठती हैं।

आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार, मर्दों को कई ऐसे कार्य हैं जिनमें डरना नहीं चाहिए कहते हैं मनुष्य की छवि खराब होती है और उसे मानहानि का सामना करना पड़ता है। बात जब मर्दानगी की आती है तो उसमें पुरुषों को शामिल किया जाता है और जब कोई पुरुष अगर डरता है तो उसे नामर्द कहा जाता है आप ऐसा कभी मत करना। मुसीबतों का हमेशा डटकर सामना करना। और उसी को असली मर्द कहा जाता है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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