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Labh Panchami 2021 : साल 2021 में लाभ पंचमी कब है, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

  • कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लाभ पंचमी के नाम से जाना जाता है।
  • लाभ पंचमी को सौभाग्य पंचमी भी कहा जाता है।

Labh Panchami 2021 : साल 2021 में लाभ पंचमी कब है, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजाविध
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Labh Panchami 2021 : कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लाभ पंचमी के नाम से जाना जाता है। इसे सौभाग्य पंचमी भी कहते हैं। इस दिन सभी प्रकार की कामनाओं की इच्छा रखने वालों के लिए लाभ पंचमी का व्रत जरुर रखना चाहिए। इस दिन विशेषकर भगवान शिव का पूजन करना विशेष फलदायी होता है। लाभ पंचमी के दिन पूरे मन से भगवान शिव की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति आती है और जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि दिवाली से गुजराती नववर्ष की शुरुआत होती है। इसके साथ ही लाभ पंचमी के दिन को अपने व्यापार में तरक्की के लिए बेहद शुभ दिन मानते हैं। इस दिन भगवान श्रीगणेश का पूजन करने से व्यापार में मनवांछित लाभ मिलता है। तथा शिव-पार्वती का पूजन करने से सौभाग्य की प्राप्ति के साथ-साथ जीवन में आ रही बाधा दूर होती है और घर -परिवार में सुख -शांति के साथ -साथ सौभाग्य का वास होता है।

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लाभ पंचमी व्रत 2021

लाभ पंचमी व्रत

वर्ष 2021 में लाभ पंचमी का व्रत 09 नवंबर, दिन मंगलवार को रखा जाएगा।

लाभ पंचमी पूजा मुहूर्त

06:16 AM से 09:56 AM

पूजा करने की अवधि

03 घंटा 40 मिनट

पंचमी तिथि प्रारंभ

08 नवंबर 01:15 PM

पंचमी तिथि समाप्त

09 नवंबर 10:30 AM

पूजाविधि

लाभ पंचमी व्रत की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठ जाएं और प्रात:काल स्नान करें। उसके बाद सूर्यदेव को जल दें। इसके बाद भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाओं के समझ बैठ जाएं। भगवान गणपति जी को चंदन, सिंदूर, अक्षत, धूप,दीप और दूर्वा आदि अर्पित करें। इसके बाद मां पार्वती और मां लक्ष्मी को फूल आदि अर्पित करें और माता लक्ष्मी को लाल वस्त्र, इत्र, हल्दी आदि भी अर्पित करें। इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जप करें। साथ ही सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को पूरा दिन निराहार रहना है। फिर अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलें।

आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन विवाहित महिलओं को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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