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कुत्ते से जुड़े शकुन-अपशकुन, जानिए कुत्ता कैसे देता है आर्थिक उन्नति के संकेत

कुत्ता हर जगह पाया जाने वाला जानवर है। तथा कुत्ते में अनेक विशिष्ट गुण पाए जाते हैं। कुत्ता और व्यक्ति का आपसी तालमेल वैदिक काल से ही चला आ रहा है। इसीलिए कुत्ते को एक समाजिक प्राणी भी कह सकते हैं। कुत्ते से संबंधित अनेक शकुन-अपशकुन शकुन शास्त्र में वर्णित हैं। तो आइए जानें कुत्ते से जुड़े शकुन-अपशकुन।

कुत्ते से जुड़े शकुन-अपशकुन, जानिए कुत्ता कैसे देता है आर्थिक उन्नति के संकेत
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प्रतीकात्मक

कुत्ता हर जगह पाया जाने वाला जानवर है। तथा कुत्ते में अनेक विशिष्ट गुण पाए जाते हैं। कुत्ता और व्यक्ति का आपसी तालमेल वैदिक काल से ही चला आ रहा है। इसीलिए कुत्ते को एक समाजिक प्राणी भी कह सकते हैं। कुत्ते से संबंधित अनेक शकुन-अपशकुन शकुन शास्त्र में वर्णित हैं। तो आइए जानें कुत्ते से जुड़े शकुन-अपशकुन।

यदि यात्रा कर रहे व्यक्ति को कोई कुत्ता सूंघ कर उसके साथ-साथ चले या सूंघने के बाद अपने सिर को खुजाएं तो यात्री के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। यदि भोजन करते समय यदि कोई कुत्ता अपनी पूंछ उठाकर सिर हिलाता है तो व्यक्ति को भोजन न करने की सलाह देता है, क्योंकि उस भोज्य पदार्थ से उस व्यक्ति को रोग हो जाने की आशंका है। अगर किसी यात्रा करने वाले व्यक्ति को कोई कुत्ता पीछे से आकर उसके कपड़े दांतों से या नाखून से खींचता है तो उस व्यक्ति को धन की हानि होती है। अगर यही चेष्ठा कुत्ता सामने आकर करता है तो अभीष्ट की सिद्धि और धन का लाभ होता है। अगर किसी यात्री को देखकर कुत्ता भयग्रस्त होकर या फिर क्रोध में गुर्राता है या फिर बिना किसी कारण के इधर-उधर चक्कर काटे तो यात्रा करने वाले को धन की हानि होती है। प्रवास करते समय अगर कुत्ता मुंह में जूता दबाकर दूसरे स्थान पर जाता है तो धन की हानि की सूचना देता है। अगर वहीं कुत्ता सामने आकर खड़ा हो जाता है या फिर यात्री के साथ-साथ चलने लगता है तो धन की प्राप्ति होती है। अगर कोई कुतिया यात्रा करते समय दाईं ओर से बाईं ओर रास्ता काटे तो यात्रा में उत्तम फल प्राप्त होता है।

हल्दी या मांस से सने मुख वाला कुत्ता अगर घर में आकर भौंकता हे तो स्वर्ण की प्राप्ति का योग है। अगर कोई कुत्ता एक आंख से रोये और कम खाना खाये तो उस घर में दुखद स्थिति उत्पन्न होती है। घर में चौका लगे आंगन में कुत्ते का जोड़ा अनन्द मग्न होकर किलोल करता है या फिर रति करता है तो गृह स्वामी को विपुल धन की प्राप्ति का योग है। इसके विपरीत अगर उस भूमि को पैरों से खोदता है तो धन की हानि होती है। अगर अचानक किसी व्यक्ति की चारपाई के नीचे घुसकर कुत्ता भौंकता है तो चारपाई पर सोने वाले को रोग और व्याधि से पीड़ा होती है। ऐसी चेष्टा अस्वभाविक रूप से की जाए या फिर आदत के रूप में की जाए तो इसका कोई अर्थ नहीं होता है। यात्रा पर जा रहे व्यक्ति को अगर कुत्ता अपने मुख में रोटी इत्यादि उठाकर आता-जाता दिखाई दे तो यह यात्रा शुभ होती है। यात्रा पर जा रहे व्यक्ति को यदि कुत्ता पत्थर उठाकर आता दिखाई देता है तो विपत्ति का सामना करना पड़ता है। यात्रा के समय बहुत से कुत्ते लड़ने लगें तो इसे झगड़े की सूचना समझनी चाहिए। हीनांग कुत्ता सामने आए और व्यक्ति को बार-बार देखे तो जातक को भय का सामना करना पड़ता है। बैठा हुआ कुत्ता चौंककर जातक को देखे तो जय दिलाता है। यदि इस स्थिति में कुत्ता अगर कान आदि हिलाये तो अशुभ रहता है। कुत्ते का सिर खुजलाना उत्तम शकुन होता है। बलि ग्रहण करने के पश्चात अगर कुत्ता अपने दाहिने पैर से दाहिना अंग खुजाता है तो उत्तम फल मिलता है। इसके विपरीत बायें पैर से दाहिना अंग खुजाएं या बायें पैर से बायें अंग को खुजायें तो अशुभ फल मिलता है। अगर गमनकर्ता के सम्मुख कुत्ता जम्हाई ले, मल या मूत्र त्याग कर, निरुद्यमी होकर भूमि पर सो जाए तो यात्रा में विघ्न और कार्य असफल होने की सूचना समझें।

अंग सूघने के शुभ-अशुभ विचार

किसी व्यक्ति को देखकर कुत्ता आकर उसका अंग सूंघे तो इसे इस प्रकार शकुन के रूप में लें। यदि कुत्ता हाथ सूंघे तो अपराधियों के दर्शन होते हैं। बाईं जांघ सूंघे तो स्त्रियों में लोकप्रियता मिलती है। दाहिनी जांघ सूंघे तो बिना कारण के कलह होती है। बाया घुटना सूंघे तो व्यापार व नौकरी में लाभ होता है। दाहिना घुटना सूंघे तो स्त्रियों में लोकप्रियता समाप्त हो जाती है। लेकिन अगर पुचकराने या आमंत्रित करने पर उक्त क्रियायें करे तो उसे शकुन के रूप में नहीं लिया जा सकता है।

ये हैं शुभ शकुन

किसी दरवाजे पर बैठकर अगर कुत्ता अपने पांव खुजलाता है तो किसी अतिथि के आने की सूचना जानिए। अगर कुत्ता मुख में फल आदि को लेकर गृह में प्रवेश करता है तो पुत्र के इच्छुक दम्पति विषय भोग आवश्य करें। यदि घर का कुत्ता किसी कुतिया के साथ विषय भोग करे तो उसके मालिक के घर में शीघ्र ही बहुत से अतिथियों का आगमन होता है। शकुन के रूप में कुत्ते क्रीड़ा करते हुए मिलें तो उत्तम शकुन है। अगर कुत्ता कोइ्र वस्त्र या उसका कोई टुकड़ा लेकर घर में आए तो शुभ होता है। यात्रा के समय कुत्ता दाहिनी तरफ शुभ होता है। यात्रा के समय किसी अच्छे स्थान पर कुत्ता मूत्र त्याग करे तो यात्रा में लाभ होता है। जिन वृक्षों पर अंकुर, फूल, फल लगे हो या वह वृक्ष जिनसे दूध निकलता हो, गंदे पानी से भरा हुआ मटका, गोबर, खेत, ईंट मंदिर का अन्न के समूह, भंडार या अन्य किसी शोभायुक्त स्थान या वस्तु पर कुत्ता मूत्र त्याग करता दिखे तो यात्री को अनेक प्रकार के लाभ होते हैं।

अशुभ शकुन

यात्री को देखकर कुत्ता उसकी तरफ दौड़े तो यात्रा में विघ्नों की भरमार समझनी चाहिए। यदि कुत्ता अपने ही पांव के ऊपर पांव करके सोता मिले तो प्रस्थान नहीं करना चाहिए। कुत्ते की छींक अत्यन्त अशुभ होती है।

कुत्ता ऐसे कराता है धन लाभ

कुत्ता कभी-कभी चारपाई, वाहन, आदि पर टांग उठाकर पेशाब कर देता है और हम उसे दुत्कार कर भगा देते हैं, ऐसा करके हम अपनी ही हानि करते हैं। जब कुत्ता किसी चीज पर पेशाब करता है तो वह उस चीज के स्वामी को धन लाभ कराता है।

कुत्ता ऐसे देता है मृत्यु का संदेश

अगर कोई कुत्ता किसी बीमार व्यक्ति के हाथ के पृष्ठ भागों को चाटता है तो उस व्यक्ति का जीवन एक सप्ताह से अधिक नहीं रहता है। अगर कोई कुत्ता रोगी के मुख और नासिका को चाटता है तो वह व्यक्ति दस दिन से अधिक जीवित नहीं रहता है। अगर कोई कुत्ता रोगी के पेट या हृदय प्रदेश को चाटता है तो रोगी शीघ्र मरने वाला होता है। अगर कोई कुत्ता किसी रोगी के निकट निशंक सो जाता है और उसके मुंह से लार टपकती रहती है तो रोगी उसी दिन मर जाता है।

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