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karwa chauth 2020: जानिए करवा चौथ व्रत का फल किन नियमों का पालन किए बिना नहीं मिलता

karwa chauth 2020: हिन्दू धर्म के अनुसार प्रत्येक व्रत अथवा पर्व के मनाने के लिए कुछ नियमों का पालन उस व्रत को करने वाले व्रती को करना पड़ता है।

karwa chauth 2020: जानिए करवा चौथ व्रत का फल किन नियमों का पालन किए बिना नहीं मिलता
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karwa chauth 2020: हिन्दू धर्म के अनुसार प्रत्येक व्रत अथवा पर्व के मनाने के लिए कुछ नियमों का पालन उस व्रत को करने वाले व्रती को करना पड़ता है। क्योंकि उन नियमों का पालन किए बिना वह व्रत संपूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाता है। और व्रती को उस व्रत के करने का कोई शुभ फल भी प्राप्त नहीं होता है। क्योंकि नियम के बिना किया गया प्रत्येक कार्य बेकार ही साबित होता है। इसलिए प्रत्येक व्रत में उस व्रत के नियमों का पालन करना अनिवार्य और शुभ रहता है। तो आइए आप भी जानें कि करवा चौथ व्रत के नियमों के बारे में आवश्यक बातें।


1. करवा चौथ व्रत का सबसे पहला नियम समय है, क्योंकि यह व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होकर चांद निकलने तक रखा जाता है। करवा चौथ के व्रत को चंद्र दर्शन के बाद खोलने का नियम है। इसलिए अगर आप व्रत रख रही हैं तो आपको इस बात का खास ख्याल रखना होगा।


2. करवा चौथ व्रत का दूसरा नियम है कि आपको शाम के समय चंद्रोदय से करीब एक घंटा पहले संपूर्ण शिव परिवार की पूजा कर लेनी चाहिए। क्योंकि सुहाग की कामना से किए जाने वाले करवा चौथ व्रत में आपको शिव-पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। साथ ही ध्यान रहे कि पूजन के समय पति का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।


3. करवा चौथ व्रत का अगला नियम है कि करवा चौथ के दिन निर्जला व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने का नियम है। लेकिन अगर आपको किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो ऐसे में आप करवा चौथ की कथा सुनने के बाद जल ग्रहण कर सकती हैं।


4. करवा चौथ व्रत पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है। इसलिए करवा चौथ के दिन व्रत करने वाली महिला को सोलह श्रृंगार अवश्य कर लेना चाहिए। यह बहुत ही शुभ होता है। चंद्रमा को आयु-सुख और शांति का कारक ग्रह माना जाता है। सुखी वैवाहिक जीवन और दीर्घायु के लिए इनकी पूजा जरुर करनी चाहिए। करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद चांद को अर्घ्य देकर सभी बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत को पूर्ण करना चाहिए।


5. करवा चौथ व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और जरुरी नियम है इस व्रत में सुनी जाने वाली व्रत की कथा। करवा चौथ के दिन करवा चौथ व्रत कथा जरुर सुननी चाहिए। कथा सुनते समय ध्यान रखें कि साथ में साबुदाना अथवा कुछ मीठा साथ में जरुर रखें।

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