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Lal Kitab : कर्ज मुक्ति के लिए करें लाल किताब के ये अचूक उपाय, आप हो सकते हैं धनवान

  • कर्ज लेना किसी को भी व्यक्ति को अच्छा नहीं लगता।
  • जीवन में अनेक बार व्यक्ति को किसी मजबूरी वश अथवा अपनी आवश्यकताओं के कारण लोगों से कर्ज लेना पड़ता है।

Lal Kitab : लाल किताब के ये उपाय आपको बना सकते हैं जल्दी ही सुखी, जानिए...
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Lal Kitab : जीवन में अनेक बार व्यक्ति को किसी मजबूरी वश अथवा अपनी आवश्यकताओं के कारण लोगों से कर्ज लेना पड़ता है जबकि कर्ज लेना किसी को भी व्यक्ति को अच्छा नहीं लगता है। कई बार अशुभ मुहूर्त में कर्ज लेने के कारण या किसी भी अन्य पारिवारिक कारण से कर्ज लेने के बाद उसे चुकना व्यक्ति को बहुत भारी हो जाता है और वह लाखों प्रयत्न के बाद भी कर्ज को समय पर नहीं चुका पाता। उस पर कर्ज का भार दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जाता है और कई बार तो व्यक्ति की पूरी जिंदगी कर्ज चुकाते-चुकाते ही समाप्त हो जाती है। अगर आप भी ऐसे ही किसी कर्ज अथवा लोन के जंजाल में फंस चुकते हैं और आपको लाख प्रयत्न के बाद भी इस कर्ज रुपी भंवर से निकलने का कोई मार्ग नहीं दिख रहा है तो आप ज्योतिष और लाल किताब के कुछ अचूक उपायों को अपनाकर कर्ज से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं कर्ज से छुटकारा पाने के कुछ ऐसे ही उपायों के बारे में।

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कर्ज मुक्ति के उपाय

  1. पांच गुलाब के खिले हुए फूलों को गायत्री मंत्र पढ़ते हुए डेढ़ मीटर सफेद कपड़े में बांध दीजिये और इसे नदी में प्रवाहित कर दीजिए। जल्दी ही आपको कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
  2. कर्ज अथवा लोन से शीघ्र छुटकारा पाने के लिए आप हर रोज किसी गरीब व्यक्ति को लाल मसूर की दाल का दान करें। यह उपाय आपको धीरे-धीरे कर्ज से छुटकारा दिलाता है।
  3. कर्ज से मुक्ति के लिए आप प्रतिदिन श्रीगणेश भगवान की पूजा करें और पूजा के दौरान आप भगवान गणेश जी को दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं। श्रीगणेश अथर्वशीर्ष का पाठ प्रत्येक बुधवार करें।
  4. सरसों का तेल मिट्टी के दीये में भरकर, फिर मिट्टी के दीये का ढक्कन लगाकर किसी नदी या तालाब के किनारे शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय जमीन में गाड़ देने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
  5. शास्त्रों के अनुसार हनुमानजी हर संकट का निवारण करते हैं। इसलिए आप हनुमानजी के चरणों में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार के दिन तेल-सिंदूर अर्पित करें और उनके माथे पर सिंदूर का टीका लगाएं और आप वहीं बैठकर हनुमान चालीसा अथवा बजरंगबाण का पाठ करें।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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