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Nag Panchami 2021 : कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी का दिन है सबसे उत्तम, करें ये उपाय

Nag Panchami 2021 : कुण्डली में कालसर्प दोष का होना अशुभ माना जाता है। जब भी किसी व्यक्ति की कुण्डली में कालसर्प दोष होता है तो उसका पूरा प्रभाव उसकी लाइफ में देखने को मिलता है। आपको बता दें कि, जब राहु-केतु के बीच में सारे ग्रह आ जाते हैं तब कालसर्प योग का निर्माण होता है। कालसर्प दोष होने पर व्यक्ति के हर काम में बाधा आती है। चाहे वह व्यक्ति कितनी भी मेहनत कर ले, लेकिन उसे मेहनत के हिसाब से कभी भी परिणाम नहीं मिलता है।

Nag Panchami 2021 : कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी का दिन है सबसे उत्तम, करें ये उपाय
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Nag Panchami 2021 : कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी का दिन है सबसे उत्तम, करें ये उपाय

Nag Panchami 2021 : कुण्डली में कालसर्प दोष का होना अशुभ माना जाता है। जब भी किसी व्यक्ति की कुण्डली में कालसर्प दोष होता है तो उसका पूरा प्रभाव उसकी लाइफ में देखने को मिलता है। आपको बता दें कि, जब राहु-केतु के बीच में सारे ग्रह आ जाते हैं तब कालसर्प योग का निर्माण होता है। कालसर्प दोष होने पर व्यक्ति के हर काम में बाधा आती है। चाहे वह व्यक्ति कितनी भी मेहनत कर ले, लेकिन उसे मेहनत के हिसाब से कभी भी परिणाम नहीं मिलता है। उसे जीवन में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चाहें विवाह हो, करियर हो, नौकरी हो, व्यापार हो या संतान हो उसे लाइफ के हर स्टेज में प्रॉब्लम फेस करनी पड़ती है। यदि आपकी कुण्डली में भी कालसर्प दोष है, जिसके कारण आपके बने बनाए काम बिगड़ जाते हैं तो इसके निवारण के लिए सावन की नाग पंचमी का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।

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  • नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा की जाती है, इसलिए अगर आप नाग पंचमी के दिन कुछ उपाय करेंगे तो कालसर्प दोष से मुक्ति पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं इस नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के उपायों के बारे में...
  • नाग पंचमी के दिन किसी सपेरे से नाग और नागिन का एक जोड़ा खरीद लें और उसे लेकर आप जंगल में चले जाएं और वहां जाकर उस जोड़े को मुक्त करा दें। ऐसा करने से कालसर्प दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
  • इसके अलावा नाग पंचमी के दिन नाग देवता के दर्शन करके उनका पूजन जरुर करें। उन्हें दूध से स्नान करवाएं इसके बाद श्रद्धा के अनुसार, कुछ दक्षिणा आदि किसी जरुरतमंद व्यक्ति या पंडित, आचार्य आदि को जरुर दें। तथा अपनी भूल चूक की क्षमा मांगें।
  • इसके बाद आप राहु-केतु के मंत्रों का जाप और अनुष्ठान आदि जरुर करें। तथा इसके बाद आप गोमेद या फिर नाग की आकृति वाली चांदी की अंगुठी अपनी अंगुली में धारण करें। इससे भी कालसर्प दोष का निवारण हो जाता है।
  • वहीं नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष की शांति के लिए पूजन करवाएं। इसके बाद चांदी से बने नाग-नागिन का जोड़ा बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से भी आपको कालसर्प दोष से मुक्ति मिलेगी।
  • इसके अलावा आप किसी ऐसे शिवलिंग पर जहां पहले से नाग नहीं लगा हो वहां पंचधातु का नाग स्थापित करा दें। तथा आप शिवलिंग पर दूध और पंचामृत से स्नान कराएं और नाग देवता को प्रणाम करें और उनसे कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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