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Jyotish Shastra: ऊँ बोलकर पर्स में रख लें ये चीज, धन से भर जाएगा आपका घर वार

ज्योतिष में भगवान की कृपा पाने के कई उपाय और टोटके आदि बताए गए हैं। इन उपायों और टोटकों के प्रभाव से हम लोग किसी भी देवी-देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन से धन आदि की समस्या का निदान कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं जीवन में आ रहीं धन की समस्या को दूर करने के उपायों के बारे में...

Jyotish Shastra: ऊँ बोलकर पर्स में रख लें ये चीज, धन से भर जाएगा आपका घर वार
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ज्योतिष में भगवान की कृपा पाने के कई उपाय और टोटके आदि बताए गए हैं। इन उपायों और टोटकों के प्रभाव से हम लोग किसी भी देवी-देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन से धन आदि की समस्या का निदान कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं जीवन में आ रहीं धन की समस्या को दूर करने के उपायों के बारे में...

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जब आप मंदिर जाते हैं, तो आपने देखा होगा कि, वहां पर बेलपत्र चढ़ाये जाते हैं। क्योंकि बेलपत्र में भगवान शिव से उन्नति पाने का आशीर्वाद छिपा होता है और इसीलिए बेलपत्र उन्हें चढ़ाया जाता है। अत: बेलपत्र को मानव जीवन के लिए भगवान का आशीर्वाद माना जाता है। इसीलिए अगर आप बेलपत्र किसी भी मंदिर से लाते हैं तो पांच बार 'ऊँ' बोलकर शिव का ध्यान करते हुए उठा लें। ऐसा करने पर बेलपत्र जाग्रत अवस्था में हो जाता है और आपके जीवन में अपना शुभ प्रभाव दिखाता है।

वहीं इस प्रकार अगर आप बेलपत्र को घर लाकर अपनी धनपेटी में रखते हैं, कारोबार क्षेत्र में रखते हैं, पर्स में रखें तो आपको आर्थिक क्षेत्र में बहुत लाभ मिलने लगते हैं और धन आपकी ओर आकर्षित होने लगता है। साथ ही माता लक्ष्मी जी का वास आपके घर हो जाता है।

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वहीं सभी लोग मंदिर में फूल ईश्वर के चरणों में चढाते हैं, मातारानी के चरणों में चढ़ाते है और इस तरह दैवीय शक्तियों पर चढ़े हुए पुष्प हमेशा जाग्रत और सिद्ध हो जाते हैं। मदार, कनेर या गुड़हल के फूल अगर किसी भी देवी-देवता को चढ़ाया गया है और उसे आप लाकर अपने पर्स में रखते हैं और इस दौरान पांच बार ऊँ का उच्चारण करते हैं तो आप जहां भी जाते हैं वहां आपको तरक्की मिलने लगती है। क्योंकि कुछ देवी-देवताओं की कृपा आपके ऊपर बरसने लगती है और उन देवी-देवताओं की कृपा आपको प्राप्त होने लगती है, जिस भी देवी-देवता पर चढ़ाया गया पुष्प आप उठाकर लाते हैं।

ऊँ मंत्र को बीजमंत्र कहा जाता है। प्रत्येक मंत्र के प्रारंभ में हम लोग ऊँ शब्द का उच्चारण करते हैं। इसीलिए ऊँ को बीजमंत्र माना जाता है और बिना बीज के किसी भी पौधे का निर्माण करना संभव नहीं होता।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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