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Hindu New Year 2021 : हिंदू नवसंवत्सर 2078 के राजा और मंत्री होंगे मंगल, मंत्रिमंडल में शामिल होंगे ये 6 ग्रह

  • 2078 राक्षस संवत्सर में राजा- मंत्री मंगल, चंद्रमा देगा अच्छी बारिश की सौगात
  • लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार
  • मेडिकल और चिकित्सा क्षेत्र में होंगे नए आविष्कार

Hindu New Year 2021 : हिन्दू नवसंवत्सर 2078 के राजा और मंत्री होंगे मंगल, मंत्रिमंडल में शामिल होंगे ये 6 ग्रह
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Hindu New Year 2078 : चैत्र प्रतिपदा यानि (कल) मंगलवार से हिंदू नवसंवत्सर 2078 का शुभारंभ हो रहा है और उसी दिन (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) से ग्रहों में से राजा और मंत्रिमंडल का भी गठन होता है। मंगलवार 13 अप्रैल 2021 को राक्षस नामक नवसंवत्सर 2078 शुरू हो रहा है। इस नवसंवत्सर 2078 में राजा और मंत्री मंगल ग्रह ही होंगे और रक्षा का दायित्व इस नवसंवत्सर में चन्द्रमा के पास रहेगा। ग्रहों की सरकार में 6 ग्रहों को अलग-अलग विभाग मिले हैं परन्तु इस बार न्याय के देवता शनिदेव को मंत्रिमंडल में कोई विभाग नहीं मिलेगा। उन्हें इस बार मंत्रिमंडल से बाहर ही रखा गया है। इस बार नवंसवत्सर 2078 की शुरुआत में विचित्र संयोग भी बन रहा है। हमारे शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि जब राजा और मंत्री का पद एक ही ग्रह के पास हो तो राजा और प्रजा पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ते हैं। तो आइए जानते हैं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार इस नवसंवत्सर 2078 के बारे में आवश्यक बातें।

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि 13 अप्रैल 2021, दिन मंगलवार होने से इस वर्ष के राजा मंगल होंगे और मेष राशि में सूर्य भी 13 अप्रैल को ही आएंगे। इसीलिए मंत्रीपद का स्थान भी मंगल के पास ही रहेगा। मंगलवार को प्रतिपदा तिथि होने से मां भगवती घोड़े पर सवार होकर आएंगी। संवत्सर 2078 कई प्रकार से विशेष प्रभाव रखेगा।

ज्योतिषविद अनीष व्यास ने बताया कि हमारे हिन्दू धर्मशास्त्रों जैसे कि, स्कन्द पुराण, शिव पुराण, नारद संहिता और हिंदू पंचांग में इसका शास्त्रीय उल्लेख मिलता है। शास्त्रों में कहा गया है कि-

भौंमे नृपे वह्निभयं जनक्षयः चौराक्रमः पार्थिव विग्रहश्च।

दुःखं प्रजा-व्याधि-वियोगपीड़ा स्वल्पं पयोमुन्चति वारिवाहः।।

अर्थात इस वर्ष का राजा मंगल होने से अनेक देश में परस्पर राजनीतिक विरोध बढ़ेगा। प्रजा में व्याधि और पीड़ा की वृद्धि होगी। वर्षा की कमी रहने से धान और अनाज में तेजी रहेगी। अग्नि, चोरों, लूटपाट की वृद्धि से प्रजा को कष्ट होगा। शासन व्यवस्था में अस्थिरता बनी रहेगा।

अवनिजे ननु मन्त्रिपदं गते भवति दस्युगदादिनिपीडनम्।

जनपदेषु क्वचित्सुखिनो जना न बहु गोषु पयो द्विजकर्म च।।

अर्थात मंत्री मंगल होने से प्रजा में रोग पीड़ा तथा चोरों के उपद्रव से कष्ट बढ़ेगा। बड़े नगरों में मनुष्य का जीवन अशांत रहेगा। ग्रामीण जनता को भी सुख कम मिलेगा। वर्षा असामयिक होने से धन-धान्य अनाज का उत्पादन कम होगा। दूध, दही, घी की कमी रहेगी। आमजन का पूजा-पाठ में मन कम ही लगेगा।

स्वयं राजा स्वयं मंत्री जनेषु रोग पीड़ा चौराग्नि।

शंका-विग्रह-भयं च नृपाणाम् ।।

अर्थात इस वर्ष राजा और मंत्री के दोनों पद मंगल के पास हैं। जिस वर्ष राजा और मंत्री के पद एक ही ग्रह के पास हो उस वर्ष विभिन्न देशों के राजनेता निरंकुश स्वार्थपूर्ण एवं मनमाना आचरण करेंगे। अग्निकांड भूकंप बाढ़ दुर्घटना संप्रदायिक हिंसा, जाति उपद्रव और प्राकृतिक दुर्घटना अधिक होंगे। कई जगह वर्षा में कमी और गर्मी अधिक होगी। लोगों में क्रोध और आवेश ज्यादा होगा। चोरी-डकैती, लूटमार, तनाव और रक्त संबंधी रोग अधिक होंगे। अनाज में तेजी के कारण व्यापारी लोग ज्यादा मुनाफा कमाएंगे।

स्वस्वकार्येरताः सर्वेमध्यसस्यार्घ वृष्टयः।

राक्षसाब्देखिला लोकाराक्षसाइव निष्क्रियाः।।

अर्थात राक्षस नामक संवत्सर में सभी लोग स्वार्थवश अपने-अपने कार्य में व्यस्त रहेंगे। फसलों के लिए उपयोगी वर्षा मध्यम होगी। धन-धान्य में साधारण से मध्यम वृद्धि होने के बावजूद भी भय और आशंकाओं से भरा माहौल रहेगा। सभी लोग राक्षसों के समान क्रियारहित रहेंगे और उनकी भांति आचरण करने लगेंगे। साधारणजन भी राक्षस प्रवृत्ति के हो जाएंगे।

नश्यन्ति सर्वसस्यानि रोगार्तिश्च महर्घता ।

प्रजानाशो भयं घोरं राक्षसे गौरि ! पीडनम्।।

भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि हे वामांगी। राक्षस नामक संवत्सर में प्राकृतिक प्रकोप एवं अव्यवस्था के कारण फसलों की हानि, विभिन्न रोगों एवं महामारी से लोगों में कष्ट रहेगा। आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि होगी। महंगाई के साथ चारों और भय पीड़ा का वातावरण होगा। युद्ध प्राकृतिक प्रकोप आदि से व्यापक जनहानि होगी।

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  1. नववर्ष 2078 के मंत्रिमंडल में राजा मंगल, मंत्री मंगल और फसल विभाग बुध के पास रहेगा। रक्षा का भार चन्द्रमा के पास होगा। वित्त मंत्री गुरु रहेंगे। वर्षा के स्वामी चंद्र हैं। इस संवत का वासा धोबी के घर है इसलिए उत्तम वर्षा और कृषि कार्यों में उत्तम सफलता मिलेगी। इस वर्ष मंगल ही वर्ष का राजा है और मंगल ही मंत्री है। यद्यपि यह वर्ष उत्तम फसल वर्षा और सैन्य प्रबंधन और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का है। सर्वत्र श्रेष्ठ वर्षा होने से प्रचुर मात्रा में खाद्य सामग्रियों का संग्रहण होगा। योजना अनुसार देश में खाद्य प्रशंस्करण उद्योगों की शुरुआत होगी। नारी शक्ति के सम्मान में वृद्धि होगी।
  2. इस साल मंगल ग्रह नए हिन्दू वर्ष के स्वामी हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगल भूमि पुत्र हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल भूमि के कारक ग्रह भी हैं, जिस वजह से इस साल देश को भूमि से संबंधित कार्यों में फायदा हो सकता है। इस साल मंत्री भी मंगल ही हैं जिसके चलते व्यवसाय की दृष्टि से भी ये साल अच्छा रहने वाला है।
  3. इस बार चंद्र देव सेनापति होंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार चंद्र देव को मानक का कारक ग्रह माना जाता है। विज्ञान, साहित्य, खेल जगत से जुड़े लोगों के लिए ये वर्ष काफी अच्छा रहने वाला है।
  4. इस बार नवसंवत्सर में देवगुरु बृहस्पति वित्त मंत्री होंगे। गुरु के वित्त मंत्री होने की वजह से व्यापार, व्यावसाय में प्रगति होगी। इसके साथ ही लोगों का धार्मिक कार्यों में जुड़ाव अधिक रहेगा। आर्थिक दृष्टि से भी ये वर्ष देश के लिए काफी अच्छा रह सकता है।
  5. इस नवसंवत्सर में बुध कृषि मंत्री होंगे। बुध के कृषि मंत्री होने के कारण इस साल वर्षा अधिक हो सकती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुध के कृषि मंत्री होने के कारण इस साल अच्छी पैदावार भी हो सकती है।

ज्योतिषाचार्य और कुण्डली विश्लेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष मंगल ही ग्रहों के राजा और मंत्री दोनों होने जा रहे हैं। ऐसा होने से लोगों में रक्त विकार की समस्या दूर होगी। मांसपेसियों की समस्या समाप्त होगी। देश की सेना मजबूत होगी। पराक्रम बढ़ेगा, कड़े फैसले लिए जाएंगे। लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। मेडिकल और चिकित्सा क्षेत्र में नूतन आविष्कार होंगे। असाध्य बीमारियों का इलाज मिलेगा। वैज्ञानिकों को अपने क्षेत्र में कामयाबी मिलेगी। मादक पदार्थों की बिक्री बढ़ सकती है। कोर्ट-कचहरी और मुकदमा आदि बढ़ेंगे। लोगों को रोजगार के नए मौके मिल सकते हैं। देश और दुनिया में आर्थिक व्यवस्था मजबूत हो सकती है। अनाज उत्पादन भरपूर मात्रा में होगा। पुलिस का कार्य बढ़ेगा। कई देशों के बीच आपसी टकराव हो सकता है। नारी के सम्मान में वृद्धि होगी। सरकार पर सैन्य अधिकारी हावी रहेंगे।

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष आंधी, तूफान, चक्रवात, बवंडर, विद्युत्पात, हिमपात, भूकंप, ओलावृष्टि समुद्री तूफान अग्निकांड दुर्घटनाएं प्राकृतिक आपदा होने की संभावना। सैनिक हड़ताल होगी। इस संवत्सर में वह उग्रता क्रोध राक्षसी प्रवृत्ति विद्वेष दुर्भिक्ष अकाल और संक्रामक रोगों से विश्व प्रभावित होगा। खेल-खिलाड़ी जिम अखाड़ा कुश्ती आदि का बोलबाला रहेगा। सेना का आधुनिकीकरण, पुलिस प्रशासन में नवीनता, प्रशासनिक परिवर्तन होगा। पैदावार अच्छी रहेगी। सेना का सरकारी कार्यालय में दखल देखने को मिलेगा। सैन्य शासन लागू होगा। इस संवत्सर में समस्त संसार अपनी सारी ताकत युद्ध सामग्री को एकत्रित करने और सैन्य बल को बढ़ाने में लगा रहेगा। कंप्यूटर तकनीक से युद्धोन्मादी प्रभाव बढ़ेगा।

विख्यात भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के राजा और मंत्री दोनों होने से सामाजिक और राजनीतिक तौर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास जारी रहेगा, किंतु सरकार अपने कर्तव्यों से देश का नाम ऊंचा रखेगी। चूंकि शनि मकर राशि में विराजमान है और अपनी भारत की राशि भी मकर राशि है, इसलिए मकर राशि में विराजमान शनि भारत की छवि को खराब नहीं होने देंगे।

ये उपाय करें

  1. महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए।
  2. माता दुर्गा, भगवान शिव विष्णु लक्ष्मीनारायण और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।
  3. हं हनुमते नमः, ऊँ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें।
  4. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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