Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Gupt Navratri 2021 : भगवान श्रीकृष्ण ने भी की थी मां दुर्गा की उपासना, भगवती के बारे में उन्होंने कही थी ये बात...

  • गुप्त नवरात्रि में मां भगवती दुर्गा के साथ-साथ उनकी दस महाविद्याओं की पूजा-आराधना बहुत गुप्त रुप से की जाती है।
  • सभी देवी-देवता भी मां भगवती दुर्गा की ही आराधना करते हैं।

Gupt Navratri 2021 : भगवान श्रीकृष्ण ने भी की थी मां दुर्गा की उपासना, भगवती के बारे में उन्होंने कही थी ये बात...
X

Gupt Navratri 2021 : भगवान श्रीकृष्ण ने भी की थी मां दुर्गा की उपासना, भगवती के बारे में उन्होंने कही थी ये बात...

Gupt Navratri 2021 : गुप्त नवरात्रि में मां भगवती दुर्गा के साथ-साथ उनकी दस महाविद्याओं की पूजा-आराधना बहुत गुप्त रुप से की जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, ऐसी मान्यता है कि सभी देवी-देवता भी मां भगवती दुर्गा की ही आराधना करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि, एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने भी मां भगवती देवी दुर्गा की उपासना की थी। उन्होंने भगवती दुर्गा की महिमा के बारे में बताया है और मां भगवती दुर्गा की प्रत्यक्ष स्तुति की थी। माना जाता है कि मां भगवती दुर्गा भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष साक्षात प्रकट हुई थीं। तो आइए गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर जानते हैं मां भगवती दुर्गा की महिमा के बारे में...

ये भी पढ़ें : Surya Saptami 2021 : नौकरी पाने के लिए सूर्य सप्तमी पर ऐसे करें आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ, धन-समृद्धि के साथ आपको मिलेगी सफलता

ऐसे भी भगवान श्रीकृष्ण ने मां की स्तुति

त्वमेव सर्वजननी मूलप्रकृतिरीश्वरी।

त्वमेवाद्या सृष्टिविधौ स्वेच्छया त्रिगुणात्मिका॥

कार्यार्थे सगुणा त्वं च वस्तुतो निर्गुणा स्वयम्‌।

परब्रह्मास्वरूपा त्वं सत्या नित्या सनातनी॥

तेजःस्वरूपा परमा भक्तानुग्रहविग्रहा।

सर्वस्वरूपा सर्वेशा सर्वाधारा परात्पर॥

सर्वबीजस्वरूपा च सर्वपूज्या निराश्रया।

सर्वज्ञा सर्वतोभद्रा सर्वमंगलमंगला॥।

अर्थात भगवान श्रीकृष्ण ने इस श्लोक में कहा है कि, तुम ही विश्व जननी मूल प्रकृति ईश्वरी हो तुम ही सृष्टि की उत्पत्ति के समय आज शक्ति के रूप में विराजमान होती हो। तथा आप ही स्वच्छता से त्रिगुणात्मिका बन जाती हो। तुम स्वयं निर्गुण हो तथापि प्रयोजन वर्ष सगुण हो जाती हो। तुम परब्रह्मस्वरूप, सत्य, नित्य एवं सनातनी हो। परम तेजस्वरूप और भक्तों पर अनुग्रह करने हेतु शरीर धारण करती हो। तुम सर्वस्वरूपा, सर्वेश्वरी, सर्वाधार एवं परात्पर हो। तुम सर्वाबीजस्वरूप, सर्वपूज्या एवं आश्रयरहित हो। तुम सर्वज्ञ, सर्वप्रकार से मंगल करने वाली एवं सर्व मंगलों की भी मंगल हो। मान्यताओं हैं कि नवरात्रि पर्व पर श्रद्धा और प्रेमपूर्वक महाशक्ति भगवती देवी की उपासना करने से यह निर्गुण स्वरूपा देवी पृथ्वी के सारे जीवों पर दया करके स्वयं ही सगुणभाव को प्राप्त होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश रूप से उत्पत्ति, पालन और संहार कार्य करती हैं।

इसलिए मां भगवती दुर्गा की पूजा-आराधना करने पर मनुष्य का सभी प्रकार से मंगल हो जाता है। जिस पर मां भगवती दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं, वह सभी प्रकार से सुखी हो जाता है। वहीं नवरात्रि के दौरान मां भगवती शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों का सभी प्रकार से मंगल करती हैं।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

और पढ़ें
Next Story