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ईश्वर की कृपा प्राप्ति के ये हैं संकेत, आप भी जानें

जीवन में कई बार पूजा करते समय आपको अनेक प्रकार के संकेत मिलते हैं। जिनका आप आंकलन नहीं कर पाते हैं। लेकिन ये संकेत हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इन संकेतों का मतलब होता है कि ईश्वर या आप अपने जिस आराध्य की पूजा आदि करते हैं वे आप पर मेहरबान हैं। और आप इन संकेतों का समझ कर अपने आराध्य या ईश्वर से अपने मन की बात कह सकते हैं। इस दौरान ईश्वर के समक्ष की गई मन्नत ईश्वर जरुर पूरी करते हैं। तो आइए आप भी जानें पेजा के दौरान ईश्वर द्वारा किए गए कुछ संकेतों के बारे में।

ईश्वर की कृपा प्राप्ति के ये हैं संकेत, आप भी जानें
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प्रतीकात्मक

जीवन में कई बार पूजा करते समय आपको अनेक प्रकार के संकेत मिलते हैं। जिनका आप आंकलन नहीं कर पाते हैं। लेकिन ये संकेत हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इन संकेतों का मतलब होता है कि ईश्वर या आप अपने जिस आराध्य की पूजा आदि करते हैं वे आप पर मेहरबान हैं। और आप इन संकेतों का समझ कर अपने आराध्य या ईश्वर से अपने मन की बात कह सकते हैं। इस दौरान ईश्वर के समक्ष की गई मन्नत ईश्वर जरुर पूरी करते हैं। तो आइए आप भी जानें पेजा के दौरान ईश्वर द्वारा किए गए कुछ संकेतों के बारे में।

ज्योति का बढ जाना

अग्नि पंचतत्वों में से एक है। अग्नि में भगवान शिव का वास है। अगर आप पूजा कर रहे हैं। और आपके सामने रखी हुई ज्योति बढ़ जाए। तो ये ईश्वर का संकेत है कि वो आपकी पूजा और सच्ची भक्ति से प्रसन्न हैं। ऐसे समय पर हमें ईश्वर की प्रार्थना करनी चाहिए। और ईश्वर को अपनी मनोकामना बतानी चाहिए।

धूपबत्ती का धुआं

यदि पूजा करते समय आपके द्वारा लगाई गई अगरबत्ती या धूपबत्ती का धुआं आपके आराध्य की प्रतिमा की ओर जा रहा है। तो इसका सीधा सा मतलब है कि आपकी पूजा को ईश्वर ने स्वीकार कर लिया है।

फूल का गिरना

यदि आपने पूजा या ध्यान करते समय ईश्वर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाया है। और पूजा या ध्यान करते समय वह फूल आपकी ओर गिरता है। तो ये बड़ा ही शुभ माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि आपकी आराधना को ईश्वर ने स्वीकार कर लिया है। और ईश्वर आपको इसका उचित फल तुरंत ही प्रदान करेंगे।

द्वार पर गाय का आना

भगवान शिव के पूजन या आरती के समय आपके द्वार पर कोई गाय आती है। तो ये बड़ा ही शुभ संकेत माना गया है। अपने द्वार पर आई हुई गाय की पूजा करें। उसे रोटी आदि भोजन खिलाएं। और प्रणाम करके अपनी मनोकामना गौमाता को बताएं। आपकी इच्छा अवश्य पूरी होगी।

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