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Gochar 2021: 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, जानें इन राशि के जातकों पर क्या होगा प्रभाव

Gochar 2021: ज्योतिष में सौरमंडल के राजा सूर्य 15 जून को बुध की राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य का गोचर 15 जून को सुबह 6: 17 मिनट पर होगा। इस राशि में ये 16 जुलाई तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

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मिथुन संक्रांति आज, जानें कथा और पूजन विधि

Gochar 2021: ज्योतिष में सौरमंडल के राजा सूर्य 15 जून को बुध की राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य का गोचर 15 जून को सुबह 6: 17 मिनट पर होगा। इस राशि में ये 16 जुलाई तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य ग्रह के इस राशि परिवर्तन का शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर पड़ेगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि राजा सूर्य 15 जून को वृषभ राशि से निकल कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में सूर्य 16 जुलाई 2021 तक रहेंगे उसके बाद नीच की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। इस प्रकार होने वाला सूर्य का राशि परिवर्तन सभी राशियों के लोगों को प्रभावित करेगा। इसके पहले 2 जून को मंगल ग्रह ने राशि परिवर्तन कर मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश किया था। 3 जून को बुध ने वृषभ राशि में प्रवेश कर राहु के साथ युति बनाई थी। ज्योतिष में सूर्य को सत्ता शक्ति का प्रतीक माना जाता है और बुध को बुद्धि तथा मंगल को साहस का कारक माना गया है। ऐसे में इन तीनों ग्रहों का राशि परिवर्तन सभी राशि वालों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। सूर्य देव जगत की आत्मा के कारक हैं। धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत भी सूर्य है। ज्योतिष में सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा बताया गया है। सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी है।

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य को तेज, मान-सम्मान और यश, उच्च पद-प्रतिष्ठा, आदि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। जिसका प्रभाव सभी राशि के जातकों पर पड़ता है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य तुला राशि में नीचराशि तथा मेष राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। उच्च भाव में ग्रह अधिक मजबूत और बलशाली होते हैं। जबकि नीच राशि में ये कमजोर हो जाते हैं।

सूर्य का शुभ-अशुभ प्रभाव

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य के शुभ प्रभाव से जॉब और बिजनेस में तरक्की के योग बनते हैं और लीडरशीप करने का मौका भी मिलता है। विख्यात विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य को आत्माकारक ग्रह कहा गया है। इसके प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ता है। पिता, अधिकारी और शासकिय मामलों में सफलता भी सूर्य के शुभ प्रभाव से मिलती है। वहीं सूर्य का अशुभ प्रभाव असफलता देता है। जिसके कारण कामकाज में रुकावटें और परेशानियां बढ़ती हैं। धन हानि और स्थान परिवर्तन भी सूर्य के कारण होता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती है।

उपाय

विख्यात कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि भगवान श्री विष्णु की उपासना करें। बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं। रोज उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें। रविवार के दिन उपवास रखे। रोज गुढ़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें । जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें । भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें ।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते हैं सूर्य के मिथुन राशि में जाने पर सभी राशियों पर क्या होगा प्रभाव।

मेष राशि

आपकी महत्वाकांक्षाएं पूर्ण होगी। व्यापार के लिए यात्रा करने की भी संभावनाएं बन रही हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

वृषभ राशि

सूर्य गोचर के दौरान आर्थिक लाभ होने के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी या अचल संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। नौकरीपेशा वालों को उच्च पद या सम्मान प्राप्त हो सकता है। इस दौरान वाद-विवाद से बचें। वाणी में संयम बरतें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों पर सूर्य गोचर के दौरान काम का बोझ बढ़ सकता है।

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