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Gochar 2021 : मंगल के राशि परिवर्तन का मिथुन राशि के जातकों पर क्या होगा प्रभाव, जानें...

  • ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह 02 जून 2021 के दिन सुबह 06 बजकर 39 मिनट पर मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
  • मंगल ग्रह कर्क राशि में 20 जुलाई 2021 की शाम 05 बजकर 30 मिनट तक गोचर स्थिति में रहेंगे।

Gochar 2021: सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग में किया देवगुरु बृहस्पति ने राशि परिवर्तन, जानें इसके लाभ, प्रभाव और उपाय
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GOchar 2021 : ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह 02 जून 2021 के दिन सुबह 06 बजकर 39 मिनट पर मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है। मंगल ग्रह कर्क राशि में 20 जुलाई 2021 की शाम 05 बजकर 30 मिनट तक गोचर स्थिति में रहेंगे। तो इस समयाविधि में सभी राशियों में अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे। तो आइए जानते हैं मंगल के इस गोचर का मिथुन राशि के जातकों पर क्या प्रभाव देखने के लिए मिलेगा।

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वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापति कहा गया है और इन्हें युद्ध का देवता कहा जाता है। मंगल को ऊर्जा, शक्ति, पराक्रम का कारक ग्रह माना गया है। साथ में भाई, भूमि, अग्नि, युद्ध, पराक्रम का कारक ग्रह मंगल को माना गया है। मंगल जन्मकुण्डली में जब शुभ स्थितियों में होते हैं, तो जातक को रुपवान बनाते हैं। शारीरिक रुप से जातक बहुत ज्यादा मजबूत होता है। मंगल के शुभ प्रभाव से जातक खेल,सेना और शारीरिक प्रतिस्पर्धा से जुड़े हुए सभी क्षेत्रों में अपना प्रतिनिधित्व स्थापित कर लेता है और सफलता अर्जित कर लेता है।

मंगल यदि बली होते हैं तो जातक अधिक उम्र का होने के बावजूद कम उम्र का दिखाई देता है और मंगल के अशुभ प्रभाव से विवाहित जीवन में समस्याएं देखने के लिए मिलने लगती हैं। रक्त से संबंधित समस्या, परिवार में समस्या, जमीन और कर्ज से संबंधित समस्याएं मंगल के पीड़ित प्रभाव से देखने के लिए मिलती हैं। मंगल का मानव जीवन पर बहुत ही गहरा महत्व होता है।

मिथुन राशि के जातकों पर मंगल का क्या प्रभाव होगा

यह फलादेश आपकी चंद्र राशि के ऊपर आधारित है। मिथुन राशि के छठवें और 11वें भाव के स्वामी मंगलदेव माने जाते हैं। जिनका राशि के द्वितीय भाव में गोचर होने जा रहा है। राशि के द्वितीय भाव से वाणी, मुख और परिवार के बारे में विचार किया जाता है, धन के बारे में विचार किया जाता है। मंगल का दो अन्य ग्रहों शनिदेव के साथ और गरु बृहस्पति के साथ दृष्टि से संबंध बनने वाला है। तो यहां पर शनि के साथ मंगल का दृष्टि संबंध आपके लिए चुनौतियों से भरा रहेगा और गुरु बृहस्पति के साथ उत्तम रहने वाला है। इसलिए मिथुन राशि के जातकों को 02 जून 2021 से 20 जुलाई 2021 की समयाविधि में केवल मंगल ग्रह का मिलाजुला परिणाम देखने को मिलेगा।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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