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Ganeshotsav 2021: गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन करें मयूरेश स्त्रोतम् का पाठ, गणपति के आशीर्वाद से पाएं विघ्नों और संकटों से मुक्ति

Ganeshotsav 2021: भगवान श्रीगणेश सभी देवों में प्रथम पूज्य माने गए हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए गणेश जी का सबसे पहले स्मरण किया जाता है। वहीं शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि, परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और चारों ओर प्रगति, चिंता व रोग निवारण के लिए गणेशजी का मयूरेश स्तोत्र सिद्ध एवं तुरंत असरकारी है। एक बार देवराज इंद्र ने भी मयुरेश स्तोत्र का पाठ करके ही गणेशजी को प्रसन्न कर विघ्नों और संकटों पर विजय प्राप्त की थी। तो आइए एक क्लिक में पढ़ें भगवान श्री गणेशजी का मयूरेश स्तोत्र।

Ganeshotsav 2021: गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन करें मयूरेश स्त्रोतम् का पाठ, गणपति के आशीर्वाद से पाएं विघ्नों और संकटों से मुक्ति
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Ganeshotsav 2021: भगवान श्रीगणेश सभी देवों में प्रथम पूज्य माने गए हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए गणेश जी का सबसे पहले स्मरण किया जाता है। वहीं शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि, परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और चारों ओर प्रगति, चिंता व रोग निवारण के लिए गणेशजी का मयूरेश स्तोत्र सिद्ध एवं तुरंत असरकारी है। एक बार देवराज इंद्र ने भी मयुरेश स्तोत्र का पाठ करके ही गणेशजी को प्रसन्न कर विघ्नों और संकटों पर विजय प्राप्त की थी। तो आइए एक क्लिक में पढ़ें भगवान श्री गणेशजी का मयूरेश स्तोत्र।

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मयूरेश स्त्रोतम् ब्रह्ममोवाच

'पुराण पुरुषं देवं नाना क्रीड़ाकरं मुदाम।

मायाविनं दुर्विभाव्यं मयूरेशं नमाम्यहम् ।।

परात्परं चिदानंद निर्विकारं ह्रदि स्थितम् ।

गुणातीतं गुणमयं मयूरेशं नमाम्यहम्।।

सृजन्तं पालयन्तं च संहरन्तं निजेच्छया।

सर्वविघ्नहरं देवं मयूरेशं नमाम्यहम्।।

नानादैव्या निहन्तारं नानारूपाणि विभ्रतम।

नानायुधधरं भवत्वा मयूरेशं नमाम्यहम्।।

सर्वशक्तिमयं देवं सर्वरूपधरे विभुम्।

सर्वविद्याप्रवक्तारं मयूरेशं नमाम्यहम्।।

पार्वतीनंदनं शम्भोरानन्दपरिवर्धनम्।

भक्तानन्दाकरं नित्यं मयूरेशं नमाम्यहम्।

मुनिध्येयं मुनिनुतं मुनिकामप्रपूरकम।

समष्टिव्यष्टि रूपं त्वां मयूरेशं नमाम्यहम्।।

सर्वज्ञाननिहन्तारं सर्वज्ञानकरं शुचिम्।

सत्यज्ञानमयं सत्यं मयूरेशं नमाम्यहम्।।

अनेककोटिब्रह्मांण्ड नायकं जगदीश्वरम्।

अनंत विभवं विष्णुं मयूरेशं नमाम्यहम्।।

मयूरेश उवाच

इदं ब्रह्मकरं स्तोत्रं सर्व पापप्रनाशनम्।

सर्वकामप्रदं नृणां सर्वोपद्रवनाशनम्।।

कारागृह गतानां च मोचनं दिनसप्तकात्।

आधिव्याधिहरं चैव मुक्तिमुक्तिप्रदं शुभम्।।

गणपति पूजन की सावधानियां

गणेश या किसी भी देवता को पवित्र फूल ही चढ़ाया जाना चाहिए। जो फूल बासी हो, अधखिला हो, कीड़ेयुक्त हो वह गणेशजी को कतई ना चढ़ाएं। गणेशजी को तुलसी पत्र नहीं चढ़ाया जाता। दूर्वा से गणेश देवता पर जल चढ़ाना पाप माना जाता है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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