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Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी डेट पूजा विधि व महत्व, जानें...

  • जानें, साल 2021 में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) कब है।
  • जानें गणेश जी का जन्म कब और कैसे हुआ था।

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गणपति बप्पा (फाइल फोटो)

Ganesh Chaturthi 2021 : गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। मान्यता है कि गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्यानकाल में सोमवार स्वाति नक्षत्र एवं सिंह लग्न में हुआ था। इसलिए यह चतुर्थी मुख्य गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी कहलाती है।

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मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी हिन्दू कैलेंडर के छठे महीने भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष यानि अगस्त-सितंबर महीने के चौथे दिन यानि चतुर्थी तिथि से शुरू होती है और पूरे 10 दिनों तक चलती है। इस दिन पूरे भारत में जगह-जगह पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती हैं और इन प्रतिमाओं का पूरे 09 दिनों तक पूजन किया जाता है।

भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा को 10वें दिन किसी नदी या तालाब में विसर्जित किया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने के लिए सबसे पहले व्रती को प्रात:काल स्नान करने के बाद सोने, तांबे या फिर मिट्टी की गणेश प्रतिमा लें। इसके बाद एक कोरे कलश में जल भरकर उसके मुख पर कोरा वस्त्र बांधकर उसके ऊपर गणेश जी को विराजमान करें।

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फिर भगवान गणेश जी को सिन्दूर और दूर्वा घास अर्पित करके 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से पांच लड्डु गणेश जी को अर्पित करके शेष लड्डु गरीबों या ब्राह्मणों में बांट दें। फिर सांय काल के समय भगवान गणेश जी का पूजन करें। और गणेश चतुर्थी की कथा को सुनें, चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजन समाप्त करें।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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