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Ganesh Chaturthi 2021 : चित्रा नक्षत्र के विशेष योग में होगी गणपति जी की स्थापना

  • गणेश स्थापना के दिन बन रहा ब्रह्म और रवि योग
  • 59 साल बाद बना चित्रा नक्षत्र का योग

Ganesh Chaturthi 2021 : चित्रा नक्षत्र के विशेष योग में होगी गणपति जी की स्थापना
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Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी का पर्व 10 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन ब्रह्म और रवियोग में भगवान गणेश की स्थापना के साथ पूजा की जाएगी। इस बार गणेश चतुर्थी चित्रा नक्षत्र में आ रही है। इस दिन चंद्रमा शुक्र के साथ युति करते हुए तुला राशि में रहेगा। सूर्य अपनी राशि सिंह, बुध अपनी राशि कन्या, शनि अपनी राशि मकर और शुक्र अपनी राशि तुला में रहेगा। इसके अलावा गुरु कुंभ राशि में रहेगा। कुंभ राशि में दो बड़े ग्रह गुरु और शनि वक्री हैं। गणेश चतुर्थी पर चित्रा नक्षत्र का योग करीब 59 साल बाद बना है। इससे पहले 1962 में इस तरह का योग बना था। तब भी चंद्र शुक्र के साथ तुला राशि में था। सूर्य, बुध, शुक्र और शनि ग्रह अपनी-अपनी राशि में स्थित थे। इस बार भी यह विशेष योग कई मायनों में सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा।

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भगवान श्रीगणेश की मूर्ति को हल्दी से स्वास्तिक बनाकर पीले आसन पर इस तरह स्थापित करें कि विग्रह की पीठ उत्तर दिशा में हो तथा मुख दक्षिण की दिशा में हो। उत्तर की ओर मुख कर गणपति पूजन करें। अगर गणेश चतुर्थी पर गणपति जी को स्थापित करते हैं तो हमेशा ईशान कोण, पूर्व दिशा या उत्तर दिशा में ही करें। ये ही तीन दिशाएं भगवान श्रीगणेश की स्थापना के लिए श्रेष्ठ हैं। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि गणपति जी को लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर विराजमान करें। साथ ही प्रतिदिन देसी घी का दीपक और धूप जलाकर प्रातः व संध्या आरती करें। साथ ही मोदक व मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। बाल गणेश का प्रिय भोग-केसर, हल्दी युक्त दूध, बूंदी के लड्डू, मोदक, कदली फल केला, आम, पपीता हैं। श्रीगणेश जी को तुलसी दल, तुलसी मंजरी, तुलसी माला अर्पित नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश की कृपा से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन व्यक्ति को काले और नीले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है।

गणेश चतुर्थी 2021 शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि प्रारंभ

09 सितंबर रात 12:18 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त

10 सितंबर रात 9:57 मिनट तक

स्थापना का शुभ मुहूर्त

10 सितंबर 2021 को दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे के बीच गणेश स्थापना के लिये अच्छा मुहूर्त है।

गणेश चतुर्थी के दिन न करें चंद्रमा के दर्शन

मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। अगर भूलवश चंद्रमा के दर्शन कर भी लें, तो जमीन से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर पीछे की ओर फेंक दें।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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