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Dussehra 2021: दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन करना माना जाता है शुभ, जानें इस पक्षी से जुड़ी ये बात

Dussehra 2021: नीलकंठ तुम नीले रहियो, दूध-भात का भोजन करियो, हमरी बात राम से कहियो', इस गीत के अनुसार, नीलकंठ पक्षी को भगवान का प्रतिनिधि माना जाता है। दशहरा के पावन पर्व पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने को शास्त्रों में शुभता और भाग्य को जगाने वाला माना जाता है।

Dussehra 2021: दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन करना माना जाता है शुभ, जानें इस पक्षी से जुड़ी ये बात
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Dussehra 2021: नीलकंठ तुम नीले रहियो, दूध-भात का भोजन करियो, हमरी बात राम से कहियो', इस गीत के अनुसार, नीलकंठ पक्षी को भगवान का प्रतिनिधि माना जाता है। दशहरा के पावन पर्व पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने को शास्त्रों में शुभता और भाग्य को जगाने वाला माना जाता है। दशहरे के दिन अधिकतर देखा जाता है कि, प्रत्येक व्यक्ति आकाश की ओर निहारता रहता है कि, उसे आज के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाएं। जिससे जीवनभर उसके घर और परिवार में शुभ कार्य निर्बाध रुप से होते रहें और उसके घर में धन-धान्य की वृद्धि होती रहें। तथा शुभ और फलदायी कार्य उसके हाथों से अनवरत रुप से होते रहें। इसीलिए दशहरे के दिन लोग सुबह से लेकर शाम तक नीलकंठ को देखने का प्रयत्न करते रहते हैं।

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पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम ने दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन करने के पश्चात ही लंकाधिपति रावण का वध किया और लंका पर विजय प्राप्त की थी। तभी से दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व जीत के पर्व के रुप में मनाया जाता है।

दशहरा के दिन नीलकंठ के दर्शन की परंपरा पौराणिक काल से ही चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि, लंका पर विजय और रावण वध के बाद जब भगवान राम को ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था।

तब भगवान राम ने अपने अनुज लक्ष्मण के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की थी और स्वयं को ब्राह्मण हत्या के पाप से मुक्त होने का उपाय किया था। तब भगवान आशुतोष शिव नीलकंठ पक्षी के रुप में भगवान श्रीराम के पास आए थे।

वहीं जनश्रुति और धर्मशास्त्रों के मुताबिक, भगवान शिव ही नीलकंठ है। इस पक्षी को पृथ्वी पर भगवान शिव का प्रतिनिधि और स्वरूप दोनों ही रुपों में प्रतिष्ठा प्राप्त है।

वहीं मान्यता है कि, नीलकंठ पक्षी ही भगवान शिव का ही रुप है और भगवान शिव ही नीलकंठ पक्षी के स्वरुप में धरती पर विचरण करते रहते हैं।

वहीं वैज्ञानिकों के अनुसार, नीलकण्ठ पक्षी को भाग्य विधाता होने के साथ-साथ किसानों का मित्र भी माना गया है, क्योंकि नीलकंठ को किसानों के भाग्य का रखवाला भी माना जाता है, नीलकंठ खेतों में कीड़ों को खाकर किसानों की फसलों की रखवाली भी करता है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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