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Dussehra 2020 Date And Time : दशहरे पर जानिए रावण के सिरों का रहस्य

Dusshera 2020 Date And Time : दशहरे का त्योहार बुराई अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्री राम ने दस सिरों वाले रावण का वध किया था।लेकिन क्या आप जानते हैं कि रावण के दस सिरों का रहस्य क्या था। किन चीजों को दर्शाते थे रावण के दस सिर आइए जानते हैं…

Dusshera 2020 Date And Time : दशहरे पर जानिए रावण के सिरों का रहस्य
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Dusshera 2020 Date And Time : दशहरे पर जानिए रावण के सिरों का रहस्य

Dussehra 2020 Date And Time : दशहरा 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम ने रावण को मारकर धरती को पाप मुक्त कराया था।लेकिन क्या आप जानते है कि कैसे प्राप्त हुए थे रावण को दस सिर और क्या था रावण के इन दस सिरों रावण के दस सिरो का रहस्य ।अगर नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं रावण के दस सिरों का रहस्य।

रावण के सिरों का रहस्य

रावण के दस सिर थे। जिसकी वजह से रावण को दशानन कहा जाता था।रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी।लेकिन भगवान शिव रावण की तपस्या से प्रसन्न नहीं हुए।जिसके बाद रावण ने अपना सिर भगवान शिव को अर्पित करने का निर्णय लिया।

भगवान शिव भक्ति में लीन रावण ने अपना सिर भोलेनाथ को अर्पित कर दिया। लेकिन फिर भी रावण की मृत्यु नहीं हुई बल्कि उसकी जगह दूसरा सिर आ गया।ऐसे करके रावण ने भगवान शिव को 9 सिर अर्पित का दिए। जब दसवीं बार रावण ने अपना सिर भगवान शिव को अर्पित करना चाहा तब भगवान शिव रावण से प्रसन्न होकर प्रकट ही गए।

इसी कारण से रावण को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है।रावण के दस सिरों के दस अर्थ है।पहला सिर काम का दूसरा सिर लोभ का तीसरा सिर क्रोध का चौथा सिर मोह का पांचवां सिर गौरव का छठा ईर्ष्या का सातवां मन का आठवां ज्ञान का नवां चित का और दसवां अहंकार का प्रतीक माना जाता है।

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