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शकुन शास्त्र के रत्न होते हैं कुत्ते, जानिए कुत्तों से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत

हिंदू धर्म में पशु-पक्षियों को लेकर शकुन-अपशकुन की कईं मान्यताएं बहुत पुराने समय से चली आ रही हैं। इनमें से कुछ मान्यताएं कुत्तों से भी जुड़ी हैं। कुत्ते को शकुन शास्त्र में शकुन रत्न कहा गया है, क्योंकि कुत्ता इंसानों के काफी करीब है।

शकुन शास्त्र के रत्न होते हैं कुत्ते, जानिए कुत्तों से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत
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प्रतीकात्मक

हिंदू धर्म में पशु-पक्षियों को लेकर शकुन-अपशकुन की कईं मान्यताएं बहुत पुराने समय से चली आ रही हैं। इनमें से कुछ मान्यताएं कुत्तों से भी जुड़ी हैं। कुत्ते को शकुन शास्त्र में शकुन रत्न कहा गया है, क्योंकि कुत्ता इंसानों के काफी करीब है।

शकुन शास्त्र के अनुसार कुत्ते के क्रिया-कलापों को देखकर भविष्य में होने वाली अच्छी-बुरी घटनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि वर्तमान समय में इन बातों पर विश्वास करना काफी कठिन है, लेकिन इन बातों को सिरे से नकारा भी नहीं जा सकता। आज हम आपको कुत्तों से जुड़े कुछ ऐसे ही शकुन-अपशकुन के बारे में बता रहे हैं।

शकुन शास्त्र के अनुसार कुत्ता यदि अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गड़ा धन होने की संभावना होती है। यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे तो उस व्यक्ति को धन लाभ होने की संभावना बनती है। जिसके घर में कोई कुत्ता बहुत देर तक आकाश, गोबर, मांस, विष्ठा देखता है तो उस मनुष्य को सुंदर स्त्री की प्राप्ति और धन का लाभ होने के योग बनते हैं।

यदि किसी रोगी के सामने कुत्ता अपनी पूंछ या ह्दय स्थल बार-बार चाटे तो शकुन शास्त्र के अनुसार बहुत ही जल्दी उस रोगी की मृत्यु होने की संभावना रहती है। यात्रा के लिए जाते हुए यदि कोई कुत्ता बांई ओर संग-संग चले तो सुंदर स्त्री और धन की प्राप्ति हो सकती है। । यदि कुत्ता पेड़ के नीचे खड़ा होकर भौंकता है तो ये वर्षाकाल में अच्छी वर्षा का संकेत होता है। किसी किसान को हल ले जाते हुए रास्ते में कुत्ता बांई और मिल जाए और फिर घर आते समय दाहिनी ओर मिले तो उसकी उपज अच्छी होती है।

कुत्ता यदि अपनी जीभ से अपने दाहिने अंग को चाटता है अथवा खुजलाता है तो ये कार्य सिद्धि की सूचना है या जीभ से पेट को छूता हुआ दिखाई दे तो लाभ होता है। यात्रा पर जाते समय कुत्ता जूते लेकर भाग जाए या किसी ओर के जूते लेकर सामने आ जाए तो निश्चित रूप से उस व्यक्ति के धन को चोर चुरा लेते हैं। यदि दाहिनी ओर चले तो चोरी या और किसी प्रकार से धन हानि की सूचना देता है। यदि किसी जुआरी को जुआ खेलते जाते समय दाईं ओर कुत्ता मैथुन करता मिले तो उसे जुएं में अत्यधिक लाभ होने की संभावना रहती है।

यदि किसी स्थान पर बहुत से कुत्ते एकत्रित होकर भौंके तो वहां रहने वाले लोगों पर कोई बड़ी विपत्ति आती है या फिर वहां के लोगों में भयंकर लड़ाई-झगड़ा होता है। यदि कुत्ता बाएं घुटने को सूंघते हुए दिखे तो धन प्राप्ति हो सकती है तथा दाहिने घुटने को सूंघता दिखे तो पत्नी से झगड़ा हो सकता है। बांई जांघ को सूंघे तो स्त्री से समागम और दाईं जांघ को सूंघे तो मित्र से वैर होने की संभावना रहती है।

भोजन करते समय यदि कोई कुत्ता आपके सामने आकर अपनी पूंछ उठाकर सिर को हिलाता है तो वह भोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वह भोजन करने से रोगी होने की संभावना रहती है। यदि किसी यात्री को देखकर कुत्ता भय से या क्रोध से गुर्राता है अथवा बिना किसी कारण से इधर-उधर चक्कर काटे तो उस यात्रा करने वाले को धन की हानि हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति की चारपाई के नीचे घुसकर कुत्ता भौंकता है तो उस चारपाई पर सोने वाले को रोग और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है

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