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Dhanteras 2021: धनतेरस के दिन क्यों खरीदे जाते हैं नए बर्तन और आभूषण, जानें इसकी कहानी

Dhanteras 2021: हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मास में दीपावली की धूम रहती है और दीपावली का यह पर्व पांच दिवसीय पर्व होता है जोकि धनतेरस के दिन से शुरु होकर भाईदूज पर समाप्त होता है। पर्व में प्रत्येक दिन का अपना एक अलग ही महत्व होता है और प्रत्येक दिन किसी ना किसी खास देवता की पूजा भी इन पांच दिनों में की जाती है। वहीं धनतेरस के दिन लोग नए वस्त्र, नए बर्तन, वाहन, भूमि और आभूषण आदि खरीदते हैं।

Dhanteras 2021: धनतेरस के दिन क्यों खरीदे जाते हैं नए बर्तन और आभूषण, जानें इसकी कहानी
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Dhanteras 2021: हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मास में दीपावली की धूम रहती है और दीपावली का यह पर्व पांच दिवसीय पर्व होता है जोकि धनतेरस के दिन से शुरु होकर भाईदूज पर समाप्त होता है। पर्व में प्रत्येक दिन का अपना एक अलग ही महत्व होता है और प्रत्येक दिन किसी ना किसी खास देवता की पूजा भी इन पांच दिनों में की जाती है। वहीं धनतेरस के दिन लोग नए वस्त्र, नए बर्तन, वाहन, भूमि और आभूषण आदि खरीदते हैं। वहीं इस दौरान वस्त्र, नए बर्तन, वाहन, भूमि और आभूषण आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है और लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार, इस दिन खरीदारी करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं धनतेरस के दिन वस्त्र, नए बर्तन, वाहन, भूमि और आभूषण आदि खरीदने के पीछे क्या रहस्य है। तो आइए जानते हैं धनतेरस के दिन वस्त्र, नए बर्तन, वाहन, भूमि और आभूषण आदि खरीदने की कथा के बारे में...

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धनतेरस की कथा

एक पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पूर्व एक राजा थे, जिनका नाम था हिमा। उनका एक पुत्र था। राजा अपने पुत्र की वजह से सदैव चिंतित रहते थे। क्योंकि ज्योतिषियों के मुताबिक, उनके बेटे की आयु बहुत छोटी थी।

किसी ज्योतिषी द्वारा उनके बेटे के बारे में भविष्यवाणी की गई थी कि, उनका पुत्र 16 वर्ष की आयु में सांप काटने की वजह से मृत्यु को प्राप्त हो जाएगा।

एक ज्योतिषी के कहने पर राजा ने अपने बेटे की शादी एक ऐसी लड़की से करा दी जिसकी कुंडली बहुत बलवान और भाग्यशाली थी। कुछ साल ऐसे ही निकल गए और आखिरकार उस लड़के का सौलहवां जन्मदिन भी आ गया।

लड़के की पत्नी बड़ी ही होशियार थी। उसने एक योजना बनाई और योजना के मुताबिक, उसने अपने सारे गहने दरवाजे पर रख दिए और खुद पहरा देने के लिए दरवाजे के पास बैठ गई।

रात को लड़के की मृत्यु के निश्चित समय पर यमराज एक सांप के भेष में आए, लेकिन वहां रखे गहने इतने चमकदार थे कि, सांप उनकी चमक की वजह से कुछ देख ही नहीं पा रहा था और वह चौखट से दूर जाता रहा।

साथ ही वहां मौजूद लड़के की पत्नी गाना गाती रही और सांप गाने की धुन में ही खो गया। ऐसे ही सुबह हो गई। तथा उस लड़के की मृत्यु का समय निकल गया।

कहा जाता है कि, इसीलिए ही धनतेरस के दिन नए बर्तन, सोने के सिक्के और गहने खरीदे जाते हैं। ताकि उनकी चमक देखकर बुराईयां और अंधकार दूर रहे।

(Disclaimer इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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