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Chandra Grahan 2021: कार्तिक पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र और वृषभ राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें इसके क्या हो सकते हैं प्रभाव

  • वृष राशि के जातकों को सतर्क रहना होगा
  • भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा
  • अरुणाचल और असम में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2021: साढ़े तीन घंटे होगी सदी के सबसे बड़े चंद्र ग्रहण की अवधि, जानें कितने साल बाद बन रहा ये योग
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Chandra Grahan 2021: धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है। इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगने जा रहा है। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के ज्यादातर हिस्सों में नहीं देखा जा सकेगा। हालांकि यह अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ भागों में कुछ ही समय के लिए दिखाई देगा। यह वर्ष का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण है। इस दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दोपहर करीब 11:30 मिनट पर लगेगा। ग्रहण का समापन शाम 05:33 मिनट पर होगा। अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ इलाकों को छोड़कर देख के अन्य हिस्सों में ग्रहण नहीं दिखेगा।

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19 नवंबर 2021 को लगने वाला चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है जबकि कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का है। इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर ही पड़ेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य देव वृश्चिक राशि में रहेंगे और शुक्र धनु राशि में रहेंगे।

यह ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। क्योंकि ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है जो चंद्र ग्रहण खुली आंखों से दृष्टिगोचर हो सके।

उपच्छाया चंद्र ग्रहण सामान्य तौर पर नहीं देखे जा सकते इसलिए इनका सूतक नहीं माना जाता। इस चंद्र ग्रहण के कारण भारत के कुछ हिस्सों सहित चीन, नेपाल या रूस में भूकंप के झटके महसूस हो सकते हैं। मौसम में अनचाहे और नुकसान देने वाले बदलाव हो सकते हैं।

देश में खंड वृष्टि यानी कुछ हिस्सों में बारिश होने की आशंका है। राजनीति में विवादित बयान दिए जाएंगे। दुर्घटनाएं होने का अंदेशा है। सीमा पर विवाद और तनाव को माहौल रहेगा। लोगों में मानसिक तनाव और अनजाना डर भी बढ़ेगा।

भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण

भारत में 19 नवंबर को आंशिक चंद्र ग्रहण है। आंशिक चंद्र ग्रहण में सूतक नहीं लगता है। सूतक काल में शुभ काम नहीं किए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने को कहा जाता है, लेकिन आंशिक ग्रहण में सूतक काल का असर नहीं रहता है। चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगेगा। जिस कारण वृष राशिवालों को सतर्क रहना होगा।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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