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Chandra Grahan 2021: साल 2021 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा, जानें सूतक काल का समय, उपाय और किन राशि के लोगों पर पड़ेगा इसका अशुभ प्रभाव

Chandra Grahan 2021: साल 2021 का दूसरा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है, किन राशियों पर इनका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा, ग्रहण का सूतक काल क्या होगा। ग्रहण का समय क्या होगा और ग्रहण के दौरान कौन से कार्य वर्जित माने जाते हैं। तो आइए जानते हैं साल 2021 के दूसरे चंद्रग्रहण के बारे में...

Chandra Grahan 2021: साल 2021 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा, जानें सूतक काल का समय, उपाय और किन राशि के लोगों पर पड़ेगा इसका अशुभ प्रभाव
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Chandra Grahan 2021: चंद्र ग्रहण के वैज्ञानिक महत्व के साथ -साथ धार्मिक और ज्योतिष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि, ग्रहण लगना बहुत ही अशुभ माना जाता है। क्योंकि ग्रहण का पृथ्वी के सभी जो जीव-जन्तु, मानव आदि पर बहुत ही नेगेटिविटी प्रभाव पड़ता है। क्योंकि ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किए जाते हैं और मन ही मन अपने ईष्टदेव की पूजा की जाती है। 19 नवंबर को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ये ग्रहण कब, कहां और कैसे दिखाई देगा किन जातकों पर और किन राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, तो आइए जानते हैं।

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चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शुरु होगा और इसकी समाप्त शाम 05 बजकर 33 मिनट पर होगी, ये आंशिक चंद्र ग्रहण होगा और ये भारत में उपछाया ग्रहण के रुप में दिखाई देगा। इसीलिए भारत में इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।

यह ग्रहण वृषभ राशि और कृत्तिका नक्षत्र में लगने जा रहा है इसीलिए इस राशि और नक्षत्र में जन्में लोगों पर इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।

इस दौरान वृषभ राशि के जातकों को बहुत ही सावधान रहना होगा। वृषभ राशि के जातक किसी भी प्रकार के वादविवाद में फंसने से बचें। इस राशि के जातकों को लड़ाई-झगड़ा या चोट-चपेट लगने के आसार रहेंगे।

उपाय

चंद्र ग्रहण का बुरा प्रभाव ना पड़े इसके लिए ग्रहण के समय मन ही मन ईष्टदेव का ध्यान और सुमिरन करें। उनकी आराधना करें और चंद्र ग्रहण से संबंधित मंत्रों और राहू-केतु से संबंधित मंत्र का उच्चरण करें। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि, चंद्र को ग्रहण राहू-केतु के कारण ही लगता है।

ग्रहण के दौरान हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम एवं श्रीमदभागवदगीता का पाठ करें और ग्रहण की समाप्ति के बाद आप चावल, चीनी, साबुत उड़द की दाल, काला तिल, काले वस्त्र आदि का दान करें।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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