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Chandra Grahan 2021: चंद्र ग्रहण का किन राशि के जातकों पर पड़ेगा शुभ अशुभ प्रभाव, जानें...

Chandra Grahan 2021: जब भी कोई खगोलीय घटना होती है तो वह किसी के लिए अशुभ तो किसी के लिए शुभ साबित होती है। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण तुला राशि, कुंभ राशि और मीन राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा। इन राशि के लोगों को कार्यों में सफलता हासिल होगी। करियर में तरक्की मिलने के संकेत है। इस दौरान नए अवसर प्राप्त होंगे। यदि नौकरी बदलता चाहते हैं तो अच्छे ऑफर प्राप्त हो सकते हैं।

Chandra Grahan 2021: चंद्र ग्रहण का किन राशि के जातकों पर पड़ेगा शुभ अशुभ प्रभाव, जानें...
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Chandra Grahan 2021: जब भी कोई खगोलीय घटना होती है तो वह किसी के लिए अशुभ तो किसी के लिए शुभ साबित होती है। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण तुला राशि, कुंभ राशि और मीन राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा। इन राशि के लोगों को कार्यों में सफलता हासिल होगी। करियर में तरक्की मिलने के संकेत है। इस दौरान नए अवसर प्राप्त होंगे। यदि नौकरी बदलता चाहते हैं तो अच्छे ऑफर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा। वहीं कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ये ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है तो इन राशि के लोगों को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सावधान रहना होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा सिंह, वृश्चिक और मेष राशि वालों को भी स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। इन राशि के लोगों को आर्थिक हानि होने की भी आशंका है। इस अवधि में धन का निवेश न करें।

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वहीं ज्योतिष की मानें तो 19 नवंबर 2021, दिन शुक्रवार कार्तिक पूर्णिमा पर भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 11.30 बजे से शाम 05:35 तक रहेगा। लगभग पूरे देश में ये ग्रहण नहीं दिखाई देने से इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। मंदिरों व घरों में पूजा की जा सकेगी।

पूर्णिमा पर ग्रहण का प्रभाव न होने से दान-पुण्य के लिए ये दिन श्रेष्ठ रहेगा। ग्रहण के बाद दो-तीन दिन के भीतर मौसमी बदलाव दिखेगा। जिससे देश के उत्तरी हिस्सों में बर्फबारी और बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चल सकती है।

19 नवंबर 2021 को लगने वाला चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है जबकि कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का है। इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर ही पड़ेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य देव वृश्चिक राशि में रहेंगे और शुक्र धनु राशि में रहेंगे।

यह ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। क्योंकि ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है जो चंद्र ग्रहण खुली आंखों से दृष्टिगोचर हो सके।

उपच्छाया चंद्र ग्रहण सामान्य तौर पर नहीं देखे जा सकते इसलिए इनका सूतक नहीं माना जाता। इस चंद्र ग्रहण के कारण भारत के कुछ हिस्सों सहित चीन, नेपाल या रूस में भूकंप के झटके महसूस हो सकते हैं। मौसम में अनचाहे और नुकसान देने वाले बदलाव हो सकते हैं।

देश में खंड वृष्टि यानी कुछ हिस्सों में बारिश होने की आशंका है। राजनीति में विवादित बयान दिए जाएंगे। दुर्घटनाएं होने का अंदेशा है। सीमा पर विवाद और तनाव को माहौल रहेगा। लोगों में मानसिक तनाव और अनजाना डर भी बढ़ेगा।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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