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Chanakya Niti: घर बनाने से पहले जानें लें आचार्य चाणक्य की ये पांच बात, वरना...

Chanakya Niti:व्यक्ति जब अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ता है तो उसकी सबसे पहले तीन मूलभूत जरुरतें रोटी, कपड़ा और मकान होती हैं और मनुष्य जीवनभर इन्हीं तीनों जरुरतों में लगा रहता है। लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि, आप जब मकान बना रहे हों तो आपका मकान कैसा हो, कहां हो और उस मकान के आसपास क्या-क्या सुख-सुविधाएं होनी चाहिए।

Chanakya Niti: घर बनाने से पहले जानें लें आचार्य चाणक्य की ये पांच बात, वरना...
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Chanakya Niti:व्यक्ति जब अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ता है तो उसकी सबसे पहले तीन मूलभूत जरुरतें रोटी, कपड़ा और मकान होती हैं और मनुष्य जीवनभर इन्हीं तीनों जरुरतों में लगा रहता है। लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि, आप जब मकान बना रहे हों तो आपका मकान कैसा हो, कहां हो और उस मकान के आसपास क्या-क्या सुख-सुविधाएं होनी चाहिए और वहीं आपका मकान कैसी जगह नहीं होना चाहिए। वहीं चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने भी मकान बनाने के संबंध में कुछ बातें बतायी हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में मकान से संबंधित पांच बातों का जिक्र किया है और उन्होंने कहा है कि, ये पांचों चीजें मकान के लिए बहुत जरुरी होती हैं। आचार्य चाणक्य का मानना है कि, जहां पर ये पांच चीजें उपलब्ध ना हों वहां पर किसी भी व्यक्ति को अपना आशियाना नहीं बनाना चाहिए। वरना बाद में पछताना ही पड़ता है। तो आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार, कहां मकान बनाएं और आपके मकान के आसपास कौनसी सुख-सुविधाओं का होना आवश्यक होता है।

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आजीविका के साधन

चाणक्य नीति के अनुसार, आपका घर ऐसे स्थान पर होना चाहिए, जहां पर रोजी-रोटी, नौकरी, कारोबार आदि के बहुत से साधन उपलब्ध हों। ऐसे स्थान पर कभी भी घर बनाने के बारे में ना सोचें जहां पर रोजी-रोटी, नौकरी, कारोबार आदि साधन सुलभ ना हों। इसीलिए मनुष्य को रोजी-रोटी, नौकरी, कारोबार आदि के लिए उपयुक्त स्थान का ही चुनाव करना चाहिए। इससे आप और आपका परिवार सुखी और संपन्न जीवन यापन कर सकता है।

सभ्य समाज

सभ्य समाज ही मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकता है। इसीलिए कभी भी ये लोगों के पास अथवा ऐसे समाज में अपना आशियाना ना बनाएं जहां किसी प्रकार की लोकलाज और मर्यादा का पालन ना किया जाता हो। ऐसे स्थान पर निवास करना आपके हित में नहीं हो सकता है। ऐसे स्थान पर आपके लिए अनेक प्रकार की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। क्योंकि जहां व्यक्ति को सम्मान नहीं मिलता वहां रहना कठिन हो जाता है।

परोपकारी लोग

चाणक्य नीति के अनुसार, जिन लोगों में त्याग और परोपकार की भावना ना हो, उन लोगों के साथ रहना भी कभी आपके हित में नहीं हो सकता है। इसीलिए ऐसे लोगों से भी आपको दूरी बना लेनी चाहिए और ऐसे स्थान पर भी आपको अपना घर नहीं बनाना चाहिए। जो लोग ईश्वर में आस्था और विश्वास रखते हों, एक-दूसरे का सम्मान करते हों और जिन लोगों में पर हित की भावना हो, केवल उन्हीं लोगों के पास अपना मकान बनाना चाहिए।

अराजकता पूर्ण माहौल

जिस समाज के लोगों में अराजकता पूर्ण माहौल रहता हों और जिन लोगों को कानून का कोई भय नहीं हो, ऐसे स्थान पर भी कभी अपना घर नहीं बनाना चाहिए। ऐसे लोग कभी भी आप और आपके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपको मुसीबत में डाल सकते हैं।

दान-पुण्य में विश्वास ना रखने वाले लोग

चाणक्य नीति के अनुसार, जिस समाज के लोग दान-पुण्य आदि कर्मों में विश्वास नहीं रखते हों, ऐसे लोगों के पास रहना भी आपके लिए दुखदायी हो सकता है। इसीलिए ऐसे लोगों के पास भी आपको घर बनाने के विषय में सोचना नहीं चाहिए। क्योंकि जिस समाज के लोग अन्य लोगों का हित चाहते हैं और जरुरत पड़ने पर सहयोग की भावना रखते हैं, ऐसे ही स्थान पर परिवार सुखी रह सकता है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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