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Chaitra Navratri 2021 : झंडेवाला देवी मंदिर में 13 अप्रैल से शुरू होगा वासंतिक नवरात्र मेला, एक क्लिक में देखें कार्यक्रम की सूची

  • नवरात्रि के दौरान झंडेवाला देवी मंदिर (Jhandewala Devi Temple) में प्रतिवर्ष मेला आयोजित किया जाता है।
  • लोग यहां बड़ी संख्या में प्रतिदिन माता रानी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

Chaitra Navratri 2021 : झंडेवाला देवी मंदिर 13 अप्रैल से शुरू होगा वासंतिक नवरात्र मेला, एक क्लिक में देखें कार्यक्रम की सूची
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Chaitra Navratri 2021 : नई दिल्ली के झंडेवाला देवी मंदिर में हर साल नवरात्रि के दौरान नवरात्र मेला आयोजित किया जाता है। नवरात्रि के दौरान लोग यहां बड़ी संख्या में मातारानी के दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मुरादें पूरी करने के लिए देवी मां से प्रार्थना करते हैं। तो आइए जानते हैं साल 2021 में वासंतिक नवरात्र मेला कार्यक्रम के बारे में।

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झंडेवाला मंदिर वासंतिक नवरात्र मेला 2021

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13 अप्रैल 2021मंगलवारप्रतिपदा

मां शैलपुत्री

लाल

पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रुप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। नवरात्रि के पहले दिन उपासना में योगीजन मां को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं।

14 अप्रैल 2021बुधवारद्वितीया

मां ब्रह्मचारिणी

हराबहुत कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपशचारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी माता के नाम से जाना जाता है। मां का ये स्वरुप भक्तों और साधकों को अनन्त फल प्रदान करने वाला है।
15 अप्रैल 2021बृहस्पतिवारतृतीया

मां चंद्रघंटा

पीला

इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण माता के इस स्वरुप को चंद्रघंटा के नाम से जाता जाता है। मां का यह स्वरुप दुष्टों का विनाश करने और भक्तों को शांति प्रदान करता है।

16 अप्रैल 2021शुक्रवारचतुर्थी

मां कूष्माण्डा

सिल्वरअपनी मंद-मंद मुस्कान के द्वारा अण्ड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्तों को मन अनहित चक्र में स्थित रहता है। देवी मां के इस स्वरुप की उपासना से आयु, यश और बल की वृद्धि होती है।
17 अप्रैल 2021शनिवारपंचमी

मां स्कंदमाता

नीला

भगवान स्कन्दकुमार की माता होने के कारण देवी मां के इस स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

18 अप्रैल 2021

रविवारषष्ठी

मां कात्यायनी

महरूनमहर्षि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण देवी मां के इस स्वरुप का नाम कात्यायनी देवी पड़ा था। इनकी उपासना करने से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
19 अप्रैल 2021सोमवारसप्तमी

मां कालरात्रि

सफेददेवी मां का ये स्वरुप बहुत भयानक है। मां कालरात्रि के इस स्वरुप से दानव, दैत्य, राक्षस, भूत-प्रेत भयभीत होकर भाग जाते हैं और साधक लोग मां कालरात्रि की कृपा से भयमुक्त हो जाते हैं।
20 अप्रैल 2021मंगलवारअष्टमी

मां महागौरी

लाल (अष्टमी के कारण)

देवी मां के इस स्वरुप का गौर वर्ण होने के कारण इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना साधकों के लिए कल्याणकारी है। मां के इस स्वरुप का सदैव ही ध्यान करना चाहिए।
21 अप्रैल 2021बुधवारनवमी

मां सिद्धिदात्री

हरासभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने के कारण इन्हें सिद्धिदात्री के नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना करने से साधक मृत्यु लोक में सभी सुखों को भोगकर मृत्यु के उपरांत परमगति प्राप्त करता है।
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