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Chaitra Navratri 2021 : आरोग्य देव के नक्षत्र में शुरू होंगे नवरात्र, मिल सकती है कोरोना महामारी से राहत

चैत्र नवरात्र का आगमन इस बार कई शुभ संयोगों के साथ हो रहा है। इस बार अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में चैत्र नवरात्र का आरंभ हो रहा है। 13 अप्रैल 2021 से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि लग रही है।

Chaitra Navratri 2021 : आरोग्य देव के नक्षत्र में शुरू होंगी नवरात्रि, मिल सकती है कोरोना महामारी से राहत
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चैत्र नवरात्रि 

Chaitra Navratri 2021 : चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि कल 13 अप्रैल 2021, दिन मंगलवार से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। वहीं चैत्र नवरात्र अश्विनी नक्षत्र में शुरू होंगे, अश्विनी नक्षत्र के स्वामी ग्रह केतु व देवता अश्विनी कुमार हैं, जोकि शास्त्रों के अनुसार, आरोग्य के देवता माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मां दुर्गा देश-दुनिया में फैली कोरोना महामारी से राहत दिलाएंगी। इस बीच गुरु भी मकर राशि में कुंभ राशि में आ चुके होंगे। गुरु का यह परिवर्तन भी कठिन समय से राहत दिलाएगा।

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि चैत्र नवरात्र का आगमन इस बार कई शुभ संयोगों के साथ हो रहा है। इस बार अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में चैत्र नवरात्र का आरंभ हो रहा है। 13 अप्रैल 2021 से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि लग रही है। इसी दिन नवरात्र पूजा के लिए कलश स्थापना की जाएगी। प्रतिपदा तिथि के दिन चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे और देर रात सूर्य भी मेष में आएंगे। ऐसे में यह अद्भुत संयोग है कि राशि चक्र की पहली राशि में चैत्र नवरात्र यानि संवत के पहले दिन ग्रहों के राजा और रानी स्थित होंगे।

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि यही नहीं, नवरात्र का आरंभ अश्विनी नक्षत्र में होगा जिसके स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं। वे आरोग्य के देवता माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मां दुर्गा देश दुनिया में फैली कोरोना महामारी से राहत दिलाएंगी। इस बीच गुरु भी मकर राशि में कुंभ में आ चुके होंगे। गुरु के इस परिवर्तन से भी कठिन समय से राहत मिलने की उम्मीद है। अमृत सिद्धि योग विशेष शुभता प्रदान करने वाला और हर काम में लाभ देने वाला होता है। इस योग में जो कार्य किए जाते हैं, वे स्थायित्व वाले होते हैं। इसलिए इस योग में नवरात्र की शुरुआत होने से इस बार नवरात्र विशेष शुभ फल प्रदान करने वाला होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग का संबंध मां लक्ष्मी से होता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग में कार्य का शुरू करने से कार्य की सिद्धि होती है।

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि चैत्र नवरात्र का आरंभ इस बार भी ऐसे वक्‍त में होने जा रहा है जब कोरोना एक बार फिर से महामारी का रुप ले चुका है और पूरी दुनिया दहशत के साये में सांस ले रही है। बीते वर्ष भी मां दुर्गा का आगमन ऐसे वक्‍त में हुआ था जब पूरे देश के लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे थे और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए थे। इस बार भी चैत्र नवरात्र के वक्‍त कोरोना का संकट एक बार फिर से गहरा गया है। ऐसे में लगता है कि अब मां दुर्गा का चमत्‍कार ही इस महामारी का खात्‍मा कर सकता है। खुश हो जाने वाली बात यह है कि इस बार नवरात्र का आरंभ दो विशेष शुभ योग के बीच होने जा रहा है।

वहीं श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर के पंडित भगवान सहाय (मदन) शर्मा ने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग का संबंध मां लक्ष्मी से होता है और ऐसा माना जाता है कि इस योग में कार्य शुरू करने से वह कार्य सिद्धि देने वाला और सफल माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं उन सभी में आपको सफलता प्राप्‍त होती है और मां लक्ष्‍मी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है। माना जाता है कि यह योग जिस दिन लगा हो उस दिन कार्य करने से बिना बाधा के वह कार्य पूर्ण होता है और सुख समृद्धि आती है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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