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Pradosh Vrat 2021 : भौम प्रदोष व्रत के दौरान शिव आरती पढ़कर करें महादेव को प्रसन्न और पाएं मनवांछित वरदान

  • भगवान शिव (God Shiv) की उपासना करने से पापों का शमन होता है।
  • प्रदोष व्रत शिवजी की आरती (Pradosh Vrat Aarti)

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Pradosh Vrat 2021 : प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) के दिन भगवान शिव (God Shiv) की उपासना की जाती है। भगवान शिव की उपासना करने से मनुष्य के सभी प्रकार के पापों का नाश हो जाता है। और मनुष्य इस लोक में सभी प्रकार के सुख भोग कर मृत्यु के उपरांत परम गति पाता है। तो आइए इस भौम प्रदोष के दिन शिव आरती करके करें महादेव जी को प्रसन्न और पाएं मनवांछित वरदान।

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प्रदोष व्रत शिवजी की आरती (Pradosh Vrat Aarti)

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ॐ॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ॐ॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ॐ॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी। त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ॐ॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ॐ॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी। सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥ॐ॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥ॐ॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा। पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥ॐ॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा। भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥ॐ॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला। शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ॐ॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी। नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ॐ॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे। कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥ॐ॥

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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