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Amla Navmi 2020: जानिए आंवला अक्षय नवमी की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Amla Navmi 2020: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन अक्षय या आंवला नवमी मनाई जाती है। इस दिन पूजा-पाठ, स्नान, दान, तर्पण से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

Amla Navmi 2020: जानिए आंवला अक्षय नवमी की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय
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Amla Navmi 2020: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन अक्षय या आंवला नवमी मनाई जाती है। इस दिन पूजा-पाठ, स्नान, दान, तर्पण से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु जी को प्रिय आंवले के पेड़ की पूजा करने से व्यक्ति को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तिथि तक भगवान भगवान विष्णु जी आंवले के पेड़ पर निवास करते हैं। इसलिए इस दिन जो भी लोग आंवले के पेड़ की पूजा कर दान पुण्य के कार्य करते हैं तो उन्हें जीवन में सौभाग्य और उन्नति मिलती है।

अक्षय नवमी 2020 तिथि (Amla Navmi 2020 date)

23 नवंबर 2020, दिन सोमवार

नवमी तिथि प्रारंभ

22 नवंबर 2020, रात्रि 10:51 बजे से

नवमी तिथि समाप्त

24 नवंबर 2020, प्रात:काल 12:32 बजे

अक्षय नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त (Amla Navmi puja ka shubh muhurt)

23 नवंबर 2020, दिन सोमवार, प्रात:काल 06:54 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक

आंवला नवमी की पूजा विधि (Amla Navmi puja vidhi)

आंवला नवमी दीपावली के नौ दिन बाद मनाई जाती है। इस वर्ष आंवला नवमी 23 नवंबर 2020, दिन सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान कर आंवले के वृक्ष की पूजा करें। सबसे पहले आंवले के पेड़ की जड़ में दूध चढ़ाकर उसपर रोली, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें। इसके बाद कच्चा सूत लपेटकर आंवले के वृक्ष की सात परिक्रमा लगाएं। और फिर आंवले के पेड़ की जड़ में दीप प्रज्वलित करें। और इसके बाद अमला नवमी की कथा पढ़े या सुने। शास्त्रों के अनुसार इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने से रोगों का नाश होकर सौभग्य और समृद्धशाली जीवन की प्राप्ति होती है।

आंवला नवमी का उपाय (amla navmi upay)

शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति अक्षय नवमी के दिन सत्कर्म, पूजा-पाठ, दान, धर्म और उपाय करता है तो उसके द्वारा किए गए इन कार्यों का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। इस दिन आप जो भी शुभ कार्य करते हैं उनका पुण्य कई जन्मों तक आपको प्राप्त होता है। पदम पुराण के अनुसार अक्षय नवमी तिथि के दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और साक्षात शिवजी का निवास होता है। जोकि आपको सौभाग्य प्रदान करते हैं।

आंवला नवमी के दिन आंवले के पेड़ के अलावा भगवान विष्णु, भगवान शिव और मां लक्ष्मी जी का पूजन जरुर करें। और पूजा करने के बाद जरुरतमंदों को कुछ दान करें। दान की सामग्री में आंवला भी रख दें। ताकि आपको आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। यदि आप आंवला नवमी के दिन आंवला का पौधा लगाते हैं तो इस उपाय से घर में कभी धन की कमी नहीं रहती है। आपके घर में सुख, समृद्धि का सदैव वास रहे इसके लिए आंवला नवमी के दिन आंवले के पेड़ पर हल्दी से स्वास्तिक जरुर बनाएं। जब आप इस दिन आंवले के वृक्ष में जो जल दें तो उस जल में चंदन और हल्दी मिलाकर अर्घ्य दें। इससे आपको धनलाभ होगा।

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