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Shukra Niti: स्त्रियों का केवल ये एक गुण बनाता उसका जीवन सुखमय, नहीं तो घर बन जाता है नरक, जानिए...

Shukra Niti: शुक्राचार्य, आचार्य चाणक्य और महात्मा विदुर इन सभी की नीतियों में महिलाओं के कई दुर्गुणों के बारे में बताया गया है। महिलाओं के स्वभाव में ही कई दुर्गुण पाए जाते हैं।

Shukra Niti: स्त्रियों का केवल ये एक गुण बनाता उसका जीवन सुखमय, नहीं तो घर बन जाता है नरक, जानिए..
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Shukra Niti: शुक्राचार्य, आचार्य चाणक्य और महात्मा विदुर इन सभी की नीतियों में महिलाओं के कई दुर्गुणों के बारे में बताया गया है। महिलाओं के स्वभाव में ही कई दुर्गुण पाए जाते हैं। लेकिन पुरूष फिर भी ऐसी महिलाओं के साथ जीवन व्यतीत कर लेता है। परन्तु शुक्राचार्य ने महिलाओं के एक ऐसे गुण के बारे में अपनी नीति में बताया है और कहा है कि अगर महिलाओं में वह एक गुण ना हो तो महिला परिवार, कुल और अपने पति का भी विनाश कर लेती है। ऐसी स्त्री स्वर्ग जैसे घर को भी नरक बना देती है। इसलिए विवाह करने से पूर्व स्त्री के अंदर यह गुण है अथवा नहीं इसकी जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। नहीं तो अनर्थ होना तय है। जिस प्रकार स्त्रियों में अवगुण होते हैं उसी प्रकार पुरूषों में भी अवगुण होते हैं। शुक्राचार्य ने अपनी नीति में नीच पुरूषों के भी अवगुण बताए हैं और स्त्रियों को ऐसे पुरूषों से दूर रहने की सलाह दी है। लेकिन अधिकतर महिलाएं स्वेच्छाचारिणी होती हैं। और इन बातों को ना मानकर अपने अनर्थ को आमंत्रण दे देतीं हैं। और वह ऐसे पुरूष से विवाह कर लेती है जोकि उसे मृत्यु के मार्ग पर छोड़कर भाग जाता है। तो आइए जानते हैं महिला और पुरूषों के अवगुणों के बारे में और महिलाओं के उस गुण के बारे में जिसके ना होने पर महिलाए अपने ही घर को बर्बाद कर लेती हैं।

किस गुण के ना होने पर स्त्रियां देतीं हैं अनर्थ को निमंत्रण

शुक्राचार्य के अनुसार स्त्री को पति के प्रति एकनिष्ठ होना चाहिए। उसे अपने पति के प्रति आज्ञाकारी होना चाहिए। अत: उसे अपने पति पर विश्वास होना चाहिए। जो स्त्री आज्ञाकारी नहीं होती और बात-बात पर पति पर संदेह करती है वह स्वयं भी कभी सुखी नहीं रह सकती है और उसका पति भी कभी सुखी नहीं रह सकता है। उस स्त्री का पति उस स्त्री से सदा ही दुखी रहता है। अगर किसी स्त्री में यह एक गुण होता है तो वह स्त्री श्रेष्ठ होती है और उस स्त्री का जीवन सुखकर होता है।

महिलाओं के अवगुण

महिलाओं में कई ऐसे अवगुण पाए जाते हैं जिनका वे त्याग नहीं कर पाती हैं।

1. झूठ बोलना

महिलाएं एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ बोलती हैं।

2. ढोंग रचना

महिलाएं स्वांग या ढोंग रचकर अपने पति को अनिष्टकारी कार्य करने को विवश करती हैं। अथवा अपना स्वार्थ सिद्ध करती हैं।

3. बिना सोचे काम करना

शुक्राचार्य के अनुसार महिलाए बिना सोचे ही दूसरों की बातें सुनकर कोई भी कार्य कर देतीं हैं। और मुसीबत में पड़ जाती हैं।

4. अत्याधिक लालच करना

महिलाए किसी भी बात को लेकर अत्याधिक लालच करती हैं। और अपने लालच को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।

5. अपवित्रता

स्त्री को जब कोई चाहने वाला मिल जाता है तो वह अपवित्रता दिखाने लग जाती है। और मान-मर्यादा को भूलकर पथ भ्रष्ट हो जाती है।

6. निर्दयता

शुक्राचार्य के अनुसार महिलाए अत्यंत निर्दयी स्वभाव की होती हैं। अगर कोई स्त्री किसी से द्वेष करती है तो मन ही मन उसकी मृत्यु की ही कामना करती है।

7. अहंकार

स्त्री को अगर अपने रुप पर अहंकार होता है तो वह सारे संसार को तिनके के समान समझती है। और स्वेच्छाचारिणी बन जाती है। वह शस्त्र, दंड और अपमान किसी से नहीं घबराती है। और अपने ही मन की करती है। ये सब स्त्रियों के अवगुण है और इन्हें भी दुर्लक्ष्य किया जा सकता है। अगर स्त्री में वह एक गुण हो तो स्त्री के इन सारे अवगुणों को नजरंदाज किया जा सकता है।

नीच पुरुषों के अवगुण

जिस प्रकार शुक्राचार्य ने स्त्रियों के अवगुण बताए हैं उसी प्रकार उन्होंने परुषों के भी अवगुण अपने नीति शास्त्र में बताए हैं। शुक्राचार्य के अनुसार जो पुरुष अकारण की पशुओं के प्राण लेता है, रात-दिन नशा करता है। अपना कमाया हुआ धन नशे में बर्बाद करता है और जुआ खेलता है वह पुरुष नीच होता है। ऐसे पुरूष उन्नति नहीं कर पाते हैं। नीच पुरुष का सबसे बड़ा अवगुण यह भी होता है कि वह सदा स्त्री संभोग की कामना करता है। स्त्री चाहे अपनी हो अथवा परार्इ। वह सभी स्त्रियों से संभोग करने की इच्छा रखता है। और ऐसा पुरुष किसी भी स्त्री का सम्मान नहीं करता है। उसके लिए स्त्री केवल भोग और विलास की वस्तु होती है। अत: ऐसे नीच पुरुष से दूर ही रहना उचित होता है। और महिलाओं को भी इन पुरुषों से दूर रहना ही उचित होता है।

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