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Jyotish Shastra : सुखी जीवन जीने के ये हैं बेहतरीन उपाय

  • सुख-दुख व्यक्ति के जीवन का चक्र है।
  • सुखी जीवन के लिए ईश्वरीय कृपा आवश्यक है।
  • कुछ दुख प्रकृति प्रदत्त होते हैं तो कुछ स्वयं के कर्मों का फल

Jyotish Shastra : जानें, सुखी जीवन जीने के ये उपाय
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Jyotish Shastra : मनुष्य जो भी कर्म करता है उस कर्म करने के फलस्वरुप ही उसे सुख-दुःख प्राप्त होते हैं। कुछ सुख-दुःख ऐसे होते हैं जो प्रकृति प्रदत्त होते हैं, जैसे नैसर्गिक आपदा। अपने जीवनकाल में प्रत्येक व्यक्ति सुख की ही चाहत रखता है, वह कभी भी दुःख की कामना नहीं करता लेकिन फिर भी व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख का चक्र चलता रहता है। वैसे अनेक प्रकार के सुख-दुःख मनुष्य स्वयं भी उत्पन्न कर लेता है तो वहीं कुछ सुख-दुःख उसे दुसरे लोगों से मिलते हैं। अगर आपके जीवन में भी कुछ ऐसा ही चल रहा है और आप अपने जीवन में लगातार आ रहे दुखों से परेशान हैं और आप सुख प्राप्त करना चाहते हैं तो शास्त्रों में उसके लिए कुछ नियम और उपाय बताए गए हैं जिनके द्वारा हमें परम सुख की अनुभूति हो सकती है। तो आइए जानते हैं ऐसे ही उपायों के बारे में जिनसे आपको भी सुख प्राप्त हो सके।

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  1. अगर आप भी सुख प्राप्त करना चाहते हैं और अपने जीवन से दुखों को दूर करना चाहते हैं, तो आप प्रतिदिन नियम पूर्वक ईश्वर की उपासना करें। शुद्ध अन्तःकरण से की गई उपासना भगवान के पास पहुचती है और ऐसा करने से निश्चय ही आपको भगवान सुख देते हैं और आपके सभी कष्ट, दुःख दुर कर देते हैं।
  2. प्रत्येक व्यक्ति अपने दुखों को ही बार-बार याद करता है, उसे ऐसा लगता है कि उसके जीवन में सुख कम और दुख अधिक हैं
  3. इसी कारण से व्यक्ति सुखी कम और दुखी अधिक रहता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को चाहिए कि वह अपने दुखों पर कम ध्यान दे और छोटे-छोटे सुख के क्षणों को भी उमंग और उत्साह के साथ जिए।
  4. प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार रहित जीवन जीने का प्रयत्न करना चाहिए। क्योंकि अहंकार ही व्यक्ति के दुख का कारण है।
  5. हमेशा दूसरों और जरुरतमंदों की मदद करनी चाहिए, इससे जीवन में उमंग बनी रहती है और व्यक्ति को सुख प्राप्त होता है।
  6. प्रत्येक व्यक्ति को जीव हत्या से बचना चाहिए। क्योंकि निर्बल और दीन-दुखियों पर किया गया अत्याचार ही व्यक्ति के दुख और परेशानी का कारण बनता है। जो व्यक्ति दीन-दुखियों की सेवा करता है और जीवों पर दया करता है उसे भगवान का आशीर्वाद मिलता है।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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