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भिवानी खनन हादसा : अब और शव मिलने की उम्मीद कम, 3 दिन में पत्थरों के नीचे कितने लोग और मशीनें मिली, जानिये

डाडम में रेस्क्यू करती टीम। फाइल फोटो

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भिवानी खनन हादसा : अब और शव मिलने की उम्मीद कम, 3 दिन में पत्थरों के नीचे कितने लोग और मशीनें मिली, जानिये

Manoj Jangra
|
3 Jan 2022 1:34 PM GMT

नए साल पर छोटी कांशी ( डाडम ) में हुई घटना इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गई। आने वाली पीढ़ियां नए साल पर उक्त घटना को याद रखेंगी। सोमवार को भी जिला प्रशासन व अन्य टीमों का रेस्क्यू जारी रहा।

विकास चौधरी : तोशाम

अल सुबह हर कोई नए साल के आगमन को लेकर एक दूसरे को बधाई देने में जुटा था, लेकिन एकदम डाडम में खिसके पत्थरों ने पांच लोगों का जीवन लील लेने की खबर मिली तो हर कोई सन्न रह गया। नए साल पर छोटी कांशी ( डाडम ) में हुई घटना इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गई। आने वाली पीढ़ियां नए साल पर उक्त घटना को याद रखेंगी। वहीं नव वर्ष के आगमन से लेकर अब ( शाम सात बजे तक ) तक 58 घंटे हुए रेस्क्यू ने सैकड़ों टन पत्थर को हटाकर दो लोगों को जीवनदान तथा पांच के शव निकालकर एक मिसाल कायम की है। सोमवार को भी जिला प्रशासन व अन्य टीमों का रेस्क्यू जारी रहा।

सोमवार को गांव डाडम पहाड़ में हुए हादसे के घटनास्थल पर तीसरे दिन भी सर्च अभियान जारी रहा। हालांकि अब कोई ओर शव बरामदगी की संभावना बहुत कम है, लेकिन घटनास्थल से मलबा हटाने का कार्य सोमवार को भी जारी रहा। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर डटे हुए हैं। रेस्क्यू अभियान में 7 व्यक्तियों को बाहर निकाला गया, जिनमें पांच की मौत हो चुकी है। गुमशुदा को लेकर किसी परिजन के अब मौके पर न पहुंचने से अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि अब कोई ओर शव मलबे में नहीं है। लेकिन सोमवार को भी अभियान जारी है। घटनास्थल से मलबा हटाने को लेकर टीमें जुटी हुई हैं।

चार पोपलेंड और चार डंपर व एक ड्रील मशीन निकाली

राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों ने मलबे के नीचे से चार डंपर, चार पॉपलैंड व एक ट्रैक्टर निकाला जा चुका है। अभी भी दो मशीनें मलबे में दबी हुई हैं, जिनको निकालने का अभियान जारी है। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि मशीनें निकालने के लिए एक ब्लास्ट किया जा चुका है, एक ब्लास्ट और किया जाएगा। दोनों मशीनें निकालने के लिए कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि इन मशीनों से संबंधित व्यक्तियों को निकाला जा चुका है, इसलिए शव मिलने की आशंका बहुत कम है।

जिंदा व्यक्ति होता तो डॉग तत्काल देते हैं जानकारी

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट बीआर मीणा ने बताया कि शव पाए जाने की आशंका अब बहुत ही कम लग रही है। जर्मन शेफर्ड द्वारा पहचान की बाबत उन्होंने बताया कि क्योंकि 5 शव व दो घायल निकाले जा चुके हैं, उनका ब्लड आदि वहां गिरा हुआ है। इसलिए और शव को लेकर अब डॉग भी ज्यादा कंफर्म नहीं कर पाएंगे। जिंदा व्यक्ति होते तो डॉग तुरंत बता देते। विभिन्न माध्यम से जानकारी के मुताबिक अब शव पाए जाने की संभावना नहीं है। बावजूद इसके मलबा हटाए जाने का कार्य जारी है और उसमें भी काफी एतिहात बरते जा रहे हैं। मलबा हटाने के साथ-साथ डॉग का सर्च करा रहे हैं।

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