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गजब! ग्रह को बचाने की सालाना लागत 100 अरब डॉलर

वैज्ञानिकों का आकलन है कि समाज को आने वाले दशक में शीघ्रतापूर्वक साथ में आना होगा ताकि मानव निर्मित जैव विविधता आपदा को रोका जा सके।

गजब! ग्रह को बचाने की सालाना लागत 100 अरब डॉलर

वैज्ञानिकों के एक समूह के अनुसार पृथ्वी पर फैले जीवन की विपुल मात्रा को बचाने की सालाना लागत 100 अरब डॉलर हो सकती है। इन वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नीति का प्रस्ताव किया है जिसके जरिए एक अन्य बड़े पैमाने वाली विनाश लीला को टाला जा सकेगा। पृथ्वी का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि अब तब पांच बार बड़े स्तर पर जीवन खत्म हो चुकी है।

वैज्ञानिकों का आकलन है कि समाज को आने वाले दशक में शीघ्रतापूर्वक साथ में आना होगा ताकि मानव निर्मित जैव विविधता आपदा को रोका जा सके। पृथ्वी दिवस के अवसर पर अरिजोना स्टेट विश्वविद्यालय के परिस्थितिविज्ञानशास्त्री ग्रेग असनेर ने एक बयान में कहा कि छठी विनाशलीला हमारे समाज के कंधों पर है, हकीकत में ऐसा है।

असनेर ऐसे 19 अंतरराष्ट्रीय लेखकों में से एक हैं जिन्होंने इस विपदा का पहिया विपरीत दिशा में घुमाने के लिए नयी विज्ञान नीति का प्रस्ताव किया है। इस नई नीति को 'ए ग्लोबल डील फॉर नेचर' (जीडीएन) कहा जा रहा है। इस नीति का लक्ष्य है कि पृथ्वी पर बडे़ स्तर पर जीवन और उसके वैविध्य रूपों की मौजूदगी को बचाना और इसके लिए लागत आंकी गई है 100 अरब सालाना।

असनेर का मानना है कि यह बहुत बड़ी धनराशि नहीं है। अगर केवल 2018 को ध्यान में रखें तो अमेरिका की महज दो सबसे अधिक फायदे में चल रही कंपनियों एप्पल और बर्कशायर हैथवे इस राशि से साम्य रखती हैं।

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