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आखिर क्यों AK–47 राइफल से डरती है दुनिया, जानिए इससे जुड़े रोचक तथ्य

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 23 2017 11:35AM IST
आखिर क्यों AK–47 राइफल से डरती है दुनिया, जानिए इससे जुड़े रोचक तथ्य

दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार एके 47 जिसका इस्तेमाल मौजूदा समय में विश्वभर में सबसे ज्यादा किया जाता है। इस खतरनाक हथियार को किसी भी एंगल से चलाया जा सकता है। 

आपको बताते हैं एके-47 से जुड़े रोचक तथ्यः- 

- एके 47 को साल 1947 में रूस के एक सैनिक मिखाइल कलाशनिकोव ने बनाया था। जिस समय मिखाइल कलाशनिकोव एके-47 को बनाया तब वह युद्ध में घायल होने की वजह से अस्पताल में भर्ती थे और उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी।

- मिखाइल की तकदीर ने उनसे ऐसा हथियार बनवा दिया जिससे दुनिया भर के लोग खौफजदा रहते हैं। जानकर हैरानी होगी कि इस खतरनाक हथियार के आविष्कार के बाद से विश्व में सबसे ज्यादा हत्याएं इसी से हुई है। 

- एक 47 का पूरा नाम ऑटोमैटिक कलाशनिकोव 47 है। इसमें ऑटोमैटिक का मतलब है कि स्वचालित, ‘कलाशनिकोव’ मिखाइल कलाशनिकोव के नाम पर है और 47 साल 1947 के लिए है जब इसे बनाया गया।

- एके 47 अपनी खूबियों के कारण जल्द ही पूरी दुनिया में मशहूर हो गई और सभी देशों की सेनाएं इसका उपयोग करने लगीं है। 

- एके 47 राफल में ऑटोमैटिक और सेमीऑटोमैटिक दोनों तरह के गुण होते हैं। ऑटोमैटिक का मतलब है कि एक बार ट्रिगर दबाकर रखने से गोलियां चलती रहती हैं और सेमी ऑटोमैटिक का मतलब होता है एक बार ट्रिगर दबाने से ही गोली चलती है।

- एके 47 की लंबाई सिर्फ 3 फुट होती है और पूरी तरह से गोलियों से भरी हुई एके-47 राइफल का वजन साढ़े 4 किलो होता है।

- एके 47 से एक मिनट में बिना रुके 600 गोलियां दागी जा सकती है। मतलब कि एक सेकेंड में 10 गोलियां। इसकी वजह AK – 47 की शानदार गैस चैम्बर और स्प्रिंग है।

- एके 47 की रेंज 300 से 400 मीटर तक होती है और एक नौसिखिया भी इससे अचूक निशाना लगा सकता है। 

- एके 47 का सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल अफगानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबान ने किया है। 

- आपको बता दें कि वर्तमान समय में दुनिया भर में करीब 10 करोड़ एके 47 बंदूक है। 

- एके 47 राइफल को रखने का अधिकार किसी भी देश में नहीं है। 

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