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हुसैनी सस्पेंशन ब्रिज पर चढ़ने में पाकिस्तानियों की रूह कांप जाती है

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 26 2017 11:42AM IST
हुसैनी सस्पेंशन ब्रिज पर चढ़ने में पाकिस्तानियों की रूह कांप जाती है

यूं तो दुनिया भर के देश तेजी से विकास की और आगे बढ़ रहे है। यहां तक की दुनिया भर के कई देशों का रुझान सुपरसोनिक जेट और बुलेट ट्रेन की तरफ है। वहीं पाकिस्तान में लोगों को बेसिक मिलने वाली सुविधाए भी नहीं मिल पा रही हैं।

पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में दुनिया का सबसे खतरनाक पुल भी है। जिसे हुसैनी सस्पेंशन ब्रिज के नाम से जाना जाता है।

यह ब्रिज अपर हुंजा एरिया में बोरित लेक के ऊपर बना है। यह ब्रिज लोहे की केबल्स के साथ लकड़ी के फट्टे जोड़कर बनाया गया है। और यह जराबाद और हुसैनी गांव को जोड़ता है।

पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान 1960 में जराबाद में शिकार खेलने आए थे। इसी दौरान उन्होंने एक सस्पेंशन ब्रिज बनाने का आदेश दिया था। राष्ट्रपति के आदेश के 8 साल बाद यह ब्रिज बनकर तैयार हो गया था।

लोहे की केबल्स तानकर और उस पर लकड़ी के फट्टे लगाकर बनाया गया यह ब्रिज किसी टेम्पररी ब्रिज की तरह था। 2011 के भूस्खलन में यह ब्रिज भी नष्ट हो गया था। इस ब्रिज के नष्ट हो जाने के बाद पास में ही सस्पेंशन ब्रिज बनाया गया। ये ब्रिज पहले बने ब्रिज की तरह खतरनाक है। 

इस ब्रिज पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है जरा सी नजर चुकने पर गिरने का खतरा लगा रहता है। जबकि तेज हवाएं चलने पर यह ब्रिज हिलाता है। इतने खतरे के बावजूद भी गांव के लोग रोज इस ब्रिज का इस्तेमाल करते हैं।

साथ ही गांव की महिलाएं भी बोझ सर पर रखकर ब्रिज के इस पार से उस पर तक जाती है। यहां तक की स्कूल जाने वाले बच्चे भी इसी ब्रिज का इस्तेमाल करते हुए हर रोज स्कूल जाते हैं।

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hussaini bridge one of the most dangerous bridges in the world

-Tags:#Hussaini Suspension Bridge#Gilgit and Baltistan#Pakistan
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