Breaking News
महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम: भाजपा को 1311 सीटें, कांग्रेस-312, शिवसेना-295, एनसीपी -297 और अन्य -453महाराष्ट्र ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम में भाजपा का बड़ा धमाका मिली 1311 सीटेंआतंकी फंडिंग केस: कश्मीरी अलगावादियों समेत 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक माह बढ़ीसीपीएम नेताओं ने वीपी हाउस से बीजेपी कार्यालय तक किया मार्चकेरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सबरीमाला मंदिर का दौरा कर व्यवस्था का लिया जायजाअफगानिस्तान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर फिदायीन हमला, 15 की मौत, 40 घायलसरकार का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक 100 फीसदी टीकाकरण करने का है: पीएमयूपी सीएम योगी 26 अक्टूबर को आगरा और ताजमहल के दौरे पर जाएंगे
Top

कानपुर: गूगल ने बचाई इस छात्र की जान, लगा था ये बड़ा आरोप

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 30 2017 1:29PM IST
कानपुर: गूगल ने बचाई इस छात्र की जान, लगा था ये बड़ा आरोप

आज के समय में तकनीक का इस्तेमाल इतना आम हो गया है कि हर कोई गूगल पर सर्च करता है और सर्च करने के बाद गूगल पर उसके साइबर फुट प्रिंट होते हैं। जिससे यह आसानी से मालूम किया जा सकता है कि आपने गूगल पर क्या सर्च किया है।

तकनीक का यह इस्तेमाल आपको कई बड़ी मुसीबतों से बचा सकता है, ऐसा ही एक मामला कानपुर में सामने आया है। जहां गूगल की मदद से हत्या के आरोपी को कोर्ट द्वारा बरी कर दिया गया है। 

यह भी पढ़ें- अब सात और भारतीय भाषाओं का अनुवाद करेगा गूगल

इंडियन एयर फोर्स में एक वॉरंट ऑफिसर के बेटे जय प्रताप सिंह को पुलिस ने पिछले साल एक 11 साल के बच्चे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन गुरूवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट ऐंड सेशंस जज रजत सिंह जैन ने उसे साइबर साक्ष्यों के आधार पर बेगुनाह करार दे बरी कर दिया।

साथ ही जज ने इस मामले में पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाए है। अपने इस फैसले के बाद जज ने डीजीपी को पत्र लिखकर जांच अधिकारी हरिशंकर मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। 

यह है मामला

पिछले साल 20 अगस्त को शाम को 6.30 बजे 11 साल का रेहान नामक बच्चा लापता हो गया था। लापता होने के 2 घंटे बाद रेहान की लाश मिली। रेहान की गले रेतकर हत्या कर दी गई थी।

इस मामले के आरोप में कानपुर पुलिस ने 26 अगस्त को कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट जय प्रताप को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन कोर्ट के सामने उसकी गिरफ्तारी 30 अगस्त को दिखाई गई। 

यह भी पढ़ें- गूगल सर्च इंजन अब बीमारियों का पता लगाएगा

साइबर साक्ष्य के जरिए हुआ बरी

सरकारी वकील ने सायबर साक्ष्य दिखाए और पुलिस द्वारा जो साक्ष्य पेश किया गया, उसमें अन्तर था। गूगल से जुटाई गई रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय मर्डर हुआ, उस समय जय एनीमेशन डिजायनिंग कर रहा था।

जय ने उस दौरान जिस-जिस वेबसाइट ने पर विजिट किया था और जय की आईपी एड्रेस से भी पता चला कि वह उस समय घटना स्थल पर नहीं था। सारी डिटेल कोर्ट में पेश की गई और वकील द्वारा अपने पक्ष में कहा गया कि यदि जय उस समय काम कर रहा था तो वह मर्डर वाली जगह कैसे हो सकता है। सारे साक्ष्यों के आधार पर उसे कोर्ट से बरी कर दिया गया। 

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
up kanpur google saves student from murder case

-Tags:#Uttar Pradesh#Kanpur#Google#Cyber Evidence#Murder
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo