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रक्षाबंधन पर भाई को बचाने बहन ने ''गिफ्ट'' की किडनी

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 7 2017 6:01AM IST
रक्षाबंधन पर भाई को बचाने बहन ने ''गिफ्ट'' की किडनी

सामान्य तौर पर मान्यता है कि रक्षाबंधन के मौके पर एक भाई ही अपनी बहन को तोहफा देता है, साथ ही उसकी जीवन पर्यन्त रक्षा करता है, लेकिन आगरा में एक बहन ने रिवाजों के उलट अपने भाई को 'तोहफा' देकर उसकी जिंदगी बचा ली।

वंदना चंद्रा नामक महिला ने अपने छोटे भाई को किडनी देकर भाई-बहन के इस पावन पर्व पर एक मिसाल कायम की। आगरा जिला अदालत में सीनियर एडवोकेट विवेक साराभॉय (38) ने बताया, 'बीमारी की वजह से मेरी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं।

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हमने ऐम्स, सफदरजंग, लखनऊ पीजीआई, वेदांता, अपोलो सहित कई सारे हॉस्पिटल्स में गए, लेकिन कोई डोनर नहीं मिला। मेरी हालत गंभीर होती जा रही थी और समय भी कम ही बचा था। ऐसे में मेरी बहन आगे आईं और अपनी किडनी देकर मुझे दूसरी जिंदगी दी।'

भाई मेरे साथ मुश्किल समय में खड़ा रहा

वंदना शादीशुदा हैं और उनकी 12 साल की बेटी भी है। ऐसे में घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भाई को किडनी देकर उन्होंने मिसाल कायम की है। उन्होंने बताया, 'मुझे अपने भाई से प्यार है।

वह मुश्किल समय में मेरे साथ खड़ा रहा है। उसकी जिंदगी बचाना मेरी प्राथमिकता थी। इस बार का रक्षाबंधन मेरे लिए बेहद स्पेशल है। विवेक अब मौत के मुंह से बाहर आ चुका है, जिससे खुशी दोगुनी हो गई है।'

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अंगदान के लिए किया प्रोत्साहित

वंदना ने लोगों को आगे संदेश देते हुए कहा, 'सभी लोगों को अंगदान के लिए रजिस्टर करा लेना चाहिए, जिससे किसी की मदद की जा सके। किसी की जिंदगी बचाने से अधिक महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है।' विवेक को ट्रांसप्लांटेशन के बाद दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।  

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-Tags:#Uttar Pradesh#Rakshabandhan#Aiims
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