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गोरखपुर ट्रेजडीः इन पीड़ित परिजनों की दास्तां पढ़कर रो पड़ेगा आपका दिल

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 13 2017 2:49PM IST
गोरखपुर ट्रेजडीः इन पीड़ित परिजनों की दास्तां पढ़कर रो पड़ेगा आपका दिल

उत्तर प्रदश के गोरखपुर के अस्पताल में हुई 63 बच्चों की मौत से पूरे देश में सनसनी फैल गई है। सरकार मासूम बच्चों की मौत का कारण इन्सेफ्लाइटिस को बता रही है। 

इसी बीच खबर आ रही है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत बच्चों की बॉडी देने से मना कर दिया। अस्पताल के डॉक्टर ने बच्चों के परिजनों से कहा कि पहले मंत्री जी को आने दो तभी बॉडी मिलेगी। 

इसे भी पढ़ें- गोरखपुर: अस्पताल पर परिजन का गंभीर आरोप, कहा- शव के लिए नहीं दी एंबुलेंस

ये घटना हादसे में मृत बच्चों के कई परिजनों से साथ घटी है। हम आपको बता रहे है इन पीड़ित परिजनों की दुःखभरी दास्तां ...........

घटना---1 

बिहार के गोपाल गंज के रहने वाले राजभर अपने 4 दिन के बच्चे को बेहतर इलाज की उम्मीद में गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में लेकर आए थे। 

रजभर ने अपने बच्चे को गुरूवार को शाम 3 बजे भर्ती कराया था और दूसरे दिन शाम 6 बजे उसकी मौत हो गई। 

बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने बच्चों की बॉडी देने से मना कर दिया। 

घटना ---2

ऐसा ही हादसा लोरिक यादव के साथ भी हुआ है। लोरिक कुशीनगर से अपने 15 दिन के बच्चे का इलाज करवाने के लिए गोरखपुर आए थे।

घटना ---3

सिद्धार्थनगर के रामसकल बझी अपनी 15 दिनों की बच्ची का इलाज कराने बीआरडी हॉस्पिटल पहुंचे थे।

लेकिन बच्ची की मौत के बाद भी डॉक्टर ने उन्हें बॉडी देने से मन कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि पहले मंत्री जी को आने दो।

घटना ---4

गोरखपुर के ही रहने वाले जाहिद की 5 साल की बेटी खुशी ने भी देखते ही देखते दम तोड़ दिया।

लेकिन मीडिया के दबाव के बाद रात करीब साढ़े 12 बजे उन्हें डेड बॉडी दी गई। 

 
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