Hari Bhoomi Logo
सोमवार, सितम्बर 25, 2017  
Breaking News
Top

बरेली: आला हजरत दरगाह का फरमान, मुसलमान नही पढ़ेगे मदरसों में राष्ट्रगान

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 13 2017 3:26PM IST
बरेली: आला हजरत दरगाह का फरमान, मुसलमान नही पढ़ेगे मदरसों में राष्ट्रगान

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मदरसों में राष्ट्रीय गीतों को लेकर बरेली की दरगाह आला हजरत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि मदरसों में जश्न-ए-आजादी के मौके पर तिरंगा फहराने के बाद सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा गाया जाएगा।

बता दें कि जमात रजा-ए-मुस्तफा के प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि बरेली के काजी आसजद आर खान ने बरेलवी मदरसा को स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए कहा है।

साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा मदरसों में राष्ट्रगान गाने और वीडियोग्राफी कराए जाने के फरमान से साफ इंकार किया है। दरगाह से दुनिया भर में बने मसलक के सभी मदरसों के लिए राष्ट्रगान न गाने का फरमान जारी हुआ है।

इसे भी पढ़ें: BRD अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी, जायजा लेने पहुंचे योगी और नड्डा

बता दें कि यूपी के सीएम योगी ने सभी जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र भेज कर निर्देश दिया है। कि सुबह 8 बजे झंडा फहराया जाए और साथ ही राष्ट्रगान गाया जाए।

जिसके बाद 8.10 पर मदरसों में स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाए। छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय गीतों का प्रस्तुतिकरण हो। साथ ही कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करायी जाए। सीएम के मदरसों में वीडियोंग्राफी कराने के आदेश पर बरेली की दरगाह आला हजरत ने ऐतराज जताया है।

जिसके बाद काजी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर मदरसों में राष्ट्रीय गीत गाने से साफ इंकरा कर दिया है। जमात रजा-ए-मुस्तफा के प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि योगी

सरकार के फैसले पर शहजाद-ए-ताजुशरिया व जमात रजा मुस्तफा के अध्यक्ष मौलाना असजद रखा खां कादरी अजसद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मदरसों के प्रबंधक, संचालक स्वतंत्रता दिवस पर शान से तिरंगा फहराएं,  और सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा...गीत गाया जाएगा।

हमेशा की तरह इस बार भी मिठाई बांट कर जश्न मनाएं। जंग-ए-आजादी में जिन लोगों ने कुर्बानियां दी उनको भी याद किया जाएगा। साथ ही कहा कि 'हिंदुस्तान एक जम्हूरी मुल्क है।

इसे भी पढ़ें:- गोरखपुर मेडिकल कॉलेज हादसा, प्रिंसिपल राजीव मिश्रा ने दिया इस्तीफा

यहां पर हर मजहब और मिल्लत के लोगों को अपने मजहबी पहचान के साथ जीने का हक है। मुसलमान हर वह काम करें, जिसकी शरीयत उसको इजाजत दे और जिसे मना करे, उनसे परहेज करें।

मुसलमान मदरसों में राष्ट्रगान न पढ़ें. जमात रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन कादरी ने कहा कि हुकूमत का मदरसों को ऐसा आदेश देना एक साजिश है। इसलिए मदरसों को राष्ट्रगान से परहेज करने को कहा गया है।

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo