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बनना है धनवान, तो आज ही करें चावल से ये उपाय

haribhoomi.com | UPDATED Feb 17 2017 9:14AM IST

नई दिल्ली. जीवन में कंगाली का वक्त एक ऐसा समय होता है जोकि एक बार यदि किसी पर हावी हो जाए तो उस व्यक्ति का उससे पीछा छुड़ाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज भी ज्योतिष शास्त्रों में कुछ ऐसे उपाय हैं जिनकी मदद से आपकी इस परेशानी का हल तुरंत निकल सकता है। 

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वैसे तो आर्थिक विपदा और कंगाली को दूर करने लिए ज्योतिष में कई तरह के उपाय बताए गए हैं लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कंगाली से दूर होने और घर में धन की बढ़त के लिए एक ऐसा उपाय जिसे करने के लिए आपको ज्यादा मशक्क्त नहीं करनी पड़ेगी। इस उपाय को करने के लिए आपको केवल मुट्ठीभर चावल की जरुरत पड़ेगी।
 
पैसों की तंगी है तो आधा किलो चावल लेकर किसी एकांत शिवलिंग के पास बैठें और भगवान शिव पर एक मुट्ठी चावल चढ़ाएं। इसके बाद बचे चावल को किसी जरूरतमंद या गरीब को दान कर दें। यह उपाय पूर्ण‍िमा के बाद आने वाले सोमवार से करें और लगातार 5 सोमवार तक करें। घर में पैसा आना शुरू हो जाएगा।
 
यदि आप भी किसी ग्रह बाधा से पीडि़त हैं और आपके पर्स में अधिक समय तक पैसा नहीं टिकता तो यह उपाय अवश्य करें। पूजन में अक्षत का उपयोग अनिवार्य है। किसी भी पूजन के समय गुलाल, हल्दी, अबीर और कुमकुम अर्पित करने के बाद अक्षत चढ़ाए जाते हैं। 
 
 
अक्षत पूर्णता का प्रतीक है इसलिए सभी चावल अखंडित होने चाहिए। चावल साफ एवं स्वच्छ होने चाहिए। शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से शिवजी अतिप्रसन्न होते हैं और भक्तों अखंडित चावल की तरह अखंडित धन, मान-सम्मान प्रदान करते हैं। श्रद्धालुओं को जीवनभर धन-धान्य की कमी नहीं होती हैं। पूजन के समय अक्षत इस मंत्र के साथ भगवान को समर्पित किए जाते हैं-
 
 
इस मंत्र का अर्थ है कि हे ईश्वर मैं ये पूजा,  कुमकुम के रंग से सुशोभित यह अक्षत आपको समर्पित कर रहा हूं, कृपया आप इसे स्वीकार करें। इसका यही भाव है कि अन्न में अक्षत यानि चावल को श्रेष्ठ माना जाता है। इसे देवान्न भी कहा गया है। अर्थात देवताओं का प्रिय अन्न है चावल। अत: इसे सुगंधित द्रव्य कुंकुम के साथ आपको अर्पित कर रहे हैं। इसे ग्रहण कर आप भक्त की भावना को स्वीकार करें।
 
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