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राजस्थान: कोटा नगर निगम ने छात्रों पर लगाया टैक्स रद्द किया, जानें क्या है जजिया कर

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 23 2017 3:04PM IST
राजस्थान: कोटा नगर निगम ने छात्रों पर लगाया टैक्स रद्द किया, जानें क्या है जजिया कर

राजस्थान के कोटा में नगर निगम का एक अनोखा टैक्स वसूलने का मामला सामने आया है। ये टैक्स छात्रों से वसूल किया जाएगा। 

लेकिन छात्रों के भारी विरोध के चलते नगर निगम ने ये टैक्स रद्द कर दिया है। कोटा नगर निगम ने शहर में सफाई के पैसे जुटाने के लिए कई संस्थानों और प्राइवेट कॉलेज और स्कूल छात्रों पर जजिया टैक्स लगाया है। 

कोटा के प्राइवेट एज्यूकेशन इंस्टीट्यूट से सफाई के नाम पर एक हजार रुपये का प्रति छात्र से टैक्स वसूला जाएगा। हर छात्र के हिसाब से निगम टैक्स वसूलेगा। बता दें कि राजस्व समिति की सोमवार को हुई बैठक में निर्णय किया गया। 

जिन कोचिंग संस्थानों और शिक्षण संस्थानों 250 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। उनका निगम में रजिस्ट्रेशन करना जरुरी होगा। प्रत्येक छात्र के हिसाब से शिक्षण संस्थाओं से सालाना 1000 रुपए वसूल किया जाएगा। बता दें कि ये टैक्स बाहर छात्रों से वसूल किया जाएगा। 

कोटा एक एजुकेशन हब है जहां बाहर से छात्र पढ़ाई करने आते हैं। इसके साथ ही टैक्स को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।  

जजिया कर का इतिहास

सीधे शब्दों में कहा जाये तो जजिया एक इस्लामिक धार्मिक कर (टैक्स) है। जो गैर मुस्लिमों को चुकाना होता है। ऐसा नहीं है कि ये कोई मुल्ला या मौलिवों द्वारा फैलाया गया भ्रम अथवा पाखंड है। बल्कि इस जजिया कर के लिए इस्लाम के धार्मिक पुस्तक कुरान में इसके लिए एक दम स्पष्ट आदेश हैं। 

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rajasthan kota municipal corporation to bring sanitation tax on students

-Tags:#Kota#Minicipal Tax#Student#College Tax#Rajathan
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